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लैंसडौन के झंवाणा गांव में 13 दिन से नहीं आया पानी
Updated Fri, 16 Mar 2018 10:52 PM IST
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कोटद्वार। लैंसडौन क्षेत्र के झंवाणा गांव में पिछले 13 दिन से पानी नहीं आने से ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला को ज्ञापन जेकर से पेयजल व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है।
झंवाणा निवासी ग्रामीण शंभूू भारती ने बताया कि धोबीघाट से गूनी वस्यूर पेयजल योजना से गांव में पेयजल आपूर्ति होती है, लेकिन विगत तीन मार्च से पेयजल व्यवस्था बाधित होने के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से राजकीय प्राथमिक विद्यालय झंवाणा का मीड डे मिल प्रभावित हो रहा है। गर्मियों में पानी की समस्या विकराल रूप ले लेती है, जिससे मवेशियों के लिए भी पानी की समस्या खड़ी हो जाती है। उन्होंने जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता से शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है। ज्ञापन में दिनेश चंद्र, ऋषि मोहन, सतेंद्र रावत, पुष्पा देवी, कैलाश चंद्र, वीरेंद्र सिंह, विक्रम के हस्ताक्षर है। जलसंस्थान कोटद्वार के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला का कहना है कि पेयजल स्रोत डिस्चार्ज हो गया है। पेयजल व्यवस्था सुचारु करने के लिए वर्तमान पेयजल स्रोत से 200 मीटर की दूरी पर स्थित पेयजल स्रोत से पेयजल व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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झंवाणा निवासी ग्रामीण शंभूू भारती ने बताया कि धोबीघाट से गूनी वस्यूर पेयजल योजना से गांव में पेयजल आपूर्ति होती है, लेकिन विगत तीन मार्च से पेयजल व्यवस्था बाधित होने के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से राजकीय प्राथमिक विद्यालय झंवाणा का मीड डे मिल प्रभावित हो रहा है। गर्मियों में पानी की समस्या विकराल रूप ले लेती है, जिससे मवेशियों के लिए भी पानी की समस्या खड़ी हो जाती है। उन्होंने जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता से शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है। ज्ञापन में दिनेश चंद्र, ऋषि मोहन, सतेंद्र रावत, पुष्पा देवी, कैलाश चंद्र, वीरेंद्र सिंह, विक्रम के हस्ताक्षर है। जलसंस्थान कोटद्वार के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला का कहना है कि पेयजल स्रोत डिस्चार्ज हो गया है। पेयजल व्यवस्था सुचारु करने के लिए वर्तमान पेयजल स्रोत से 200 मीटर की दूरी पर स्थित पेयजल स्रोत से पेयजल व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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