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कम मानदेय दिए जाने पर भड़की भोजन माताएं
Updated Sun, 07 Jan 2018 10:45 PM IST
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धुमाकोट। उत्तराखंड भोजन माता कामगार यूनियन ने भोजन माताओं को उचित मानदेय नहीं दिए जाने की मांग को लेकर धुमाकोट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से उन्हें उचित मानदेय दिए जाने की मांग की। इस अवसर पर आयोजित बैठक में सुरजी देवी को यूनियन का ब्लॉक अध्यक्ष तथा उर्मिला देवी को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
रविवार को सीटू के जिला सचिव महाबीर रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भोजन माता कामगार यूनियन की जिलाध्यक्ष ऐश्वर्य जुयाल ने सरकार पर भोजन माताओं के साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। कहा कि लंबे समय से भोजन माताएं मेहनत और ईमानदारी के साथ अपना कार्य कर रही हैं, लेकिन सरकार उन्हें महंगाई के इस दौर में न्यूनतम मानदेय में कार्य करा रही है। उनका न तो मानदेय बढ़ाया जा रहा है और न ही समय पर मानदेय का भुगतान होता है। इसके कारण उन्हें आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ता है। उन्होंने उचित मानदेय के साथ वर्दी, दुर्घटना बीमा, पीएफ, चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की मांग की। साथ ही जिन भोजन माताओं को कार्य से हटाया गया है, उन्हें फिर से कार्य पर रखा जाने का मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजा।
इस अवसर पर देहरादून से सीटू के प्रतिनिधि टीका प्रसाद पोखरियाल, सीटू के सचिव महाबीर रावत, मधु देवी, सावित्री देवी व सिपडी देवी सहित अन्य भोजन माताएं मौजूद रहीं।
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रविवार को सीटू के जिला सचिव महाबीर रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भोजन माता कामगार यूनियन की जिलाध्यक्ष ऐश्वर्य जुयाल ने सरकार पर भोजन माताओं के साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। कहा कि लंबे समय से भोजन माताएं मेहनत और ईमानदारी के साथ अपना कार्य कर रही हैं, लेकिन सरकार उन्हें महंगाई के इस दौर में न्यूनतम मानदेय में कार्य करा रही है। उनका न तो मानदेय बढ़ाया जा रहा है और न ही समय पर मानदेय का भुगतान होता है। इसके कारण उन्हें आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ता है। उन्होंने उचित मानदेय के साथ वर्दी, दुर्घटना बीमा, पीएफ, चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की मांग की। साथ ही जिन भोजन माताओं को कार्य से हटाया गया है, उन्हें फिर से कार्य पर रखा जाने का मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजा।
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इस अवसर पर देहरादून से सीटू के प्रतिनिधि टीका प्रसाद पोखरियाल, सीटू के सचिव महाबीर रावत, मधु देवी, सावित्री देवी व सिपडी देवी सहित अन्य भोजन माताएं मौजूद रहीं।
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