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बौंठा मार्ग के विस्तारीकरण को केंद्र से हरी झंडी, सड़क निर्माण की जगी उम्मीद
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:42 PM IST
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कोटद्वार। जयहरीखाल विकासखंड की चार ग्राम पंचायतों के एक दर्जन गांवों को सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए वर्ष 2006 में स्वीकृत 10 किमी मैंदोली-परिंदा-बौंठा-डेरियाखाल मोटर मार्ग 11 साल बाद भी बनकर तैयार नहीं हो सका है। अलबत्ता इसी सड़क के चार किमी विस्तारीकरण के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से हरी झंडी दे दी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि दस किमी सड़क से पहले डेरियाखाल के पास से चार किमी सड़क का निर्माण पहले हो जाएगा। बौंठा विस्तारीकरण मार्ग बनने से अब तक लंबित पड़े दस किमी मार्ग की बाधाएं भी जल्द दूर होने की उम्मीद जग गई है।
पौड़ी जिले के जयहरीखाल ब्लाक की पट्टी कौडिया-तीन के गांवों मैंदोली तल्ली और मल्ली, परिंदा तल्ला और मल्ला, बौंठा, डेरियाखाल, सारी, टुपेलगांव, सुरमाड़ी तल्ली, मल्ली, कुटड़ा आदि गांवों को सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार ने वर्ष 2006 में 10 किमी मैंदोली-परिंदा-बौंठा-डेरियाखाल मोटर मार्ग के निर्माण को मंजूरी प्रदान की। सड़क निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग लैंसडौन को दी गई। दस किमी स्वीकृत इस सड़क पर कहीं पर तो ग्रामीणों की नापखेत भूमि पड़ी तो कहीं पर सिविल पंचायत और कहीं पर आरक्षित वन भूमि पड़ रही है। नापखेत वाली जमीन पर तो विभाग ने सड़क कटिंग कर दी, लेकिन आरक्षित क्षेत्र में कड़े वन कानूनों का पेच फंस गया। हाल यह है कि नापखेत में कटी सड़क भी आवाजाही लायक नहीं बची है। इस सड़क पर वन भूमि हस्तांतरण की ऑफ लाइन प्रक्रिया चल रही है।
बौंठा निवासी समाजसेवी प्रदीप बौंठियाल का कहना है कि मैंदोली-परिंदा मार्ग को बौंठा से डेरियाखाल तक ले जाने के लिए लोनिवि लैंसडौन की ओर से वर्ष 2011 में चार किमी बौंठा विस्तारीकरण मार्ग का प्रस्ताव भेजा गया था। इसे छह साल बाद गत वर्ष दिसंबर में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर हरी झंडी दे दी है। सैद्धांतिक सहमति मिलने से एक दर्जन गांवों के लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। ग्रामीणों ने लोनिवि से इस मार्ग के निर्माण को जल्द शुरू करने की मांग की है।
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10 किमी मैंदोली-परिंदा-बौंठा-डेरियाखाल मोटर मार्ग का निर्माण की वन भूमि हस्तांतरण की औपचारिकताएं गतिमान हैं। बौंठा विस्तारीकरण मार्ग के लिए 2.900 किमी सड़क ही बनानी पड़ेगी। इसमें करीब 1.9 करोड़ की लागत आएगी। इसकी डीपीआर बनाकर शासन को भेज दी गई है। धनावंटन होते ही सड़क का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। - पीके सुयाल, एई लोनिवि लैंसडौन।
पौड़ी जिले के जयहरीखाल ब्लाक की पट्टी कौडिया-तीन के गांवों मैंदोली तल्ली और मल्ली, परिंदा तल्ला और मल्ला, बौंठा, डेरियाखाल, सारी, टुपेलगांव, सुरमाड़ी तल्ली, मल्ली, कुटड़ा आदि गांवों को सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार ने वर्ष 2006 में 10 किमी मैंदोली-परिंदा-बौंठा-डेरियाखाल मोटर मार्ग के निर्माण को मंजूरी प्रदान की। सड़क निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग लैंसडौन को दी गई। दस किमी स्वीकृत इस सड़क पर कहीं पर तो ग्रामीणों की नापखेत भूमि पड़ी तो कहीं पर सिविल पंचायत और कहीं पर आरक्षित वन भूमि पड़ रही है। नापखेत वाली जमीन पर तो विभाग ने सड़क कटिंग कर दी, लेकिन आरक्षित क्षेत्र में कड़े वन कानूनों का पेच फंस गया। हाल यह है कि नापखेत में कटी सड़क भी आवाजाही लायक नहीं बची है। इस सड़क पर वन भूमि हस्तांतरण की ऑफ लाइन प्रक्रिया चल रही है।
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बौंठा निवासी समाजसेवी प्रदीप बौंठियाल का कहना है कि मैंदोली-परिंदा मार्ग को बौंठा से डेरियाखाल तक ले जाने के लिए लोनिवि लैंसडौन की ओर से वर्ष 2011 में चार किमी बौंठा विस्तारीकरण मार्ग का प्रस्ताव भेजा गया था। इसे छह साल बाद गत वर्ष दिसंबर में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर हरी झंडी दे दी है। सैद्धांतिक सहमति मिलने से एक दर्जन गांवों के लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। ग्रामीणों ने लोनिवि से इस मार्ग के निर्माण को जल्द शुरू करने की मांग की है।
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10 किमी मैंदोली-परिंदा-बौंठा-डेरियाखाल मोटर मार्ग का निर्माण की वन भूमि हस्तांतरण की औपचारिकताएं गतिमान हैं। बौंठा विस्तारीकरण मार्ग के लिए 2.900 किमी सड़क ही बनानी पड़ेगी। इसमें करीब 1.9 करोड़ की लागत आएगी। इसकी डीपीआर बनाकर शासन को भेज दी गई है। धनावंटन होते ही सड़क का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। - पीके सुयाल, एई लोनिवि लैंसडौन।