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आपदा और स्वास्थ्य सेवाओं पर कोटद्वार में गरमाई राजनीति

Thu, 24 Aug 2017 10:48 PM IST
Updated Thu, 24 Aug 2017 10:48 PM IST
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आपदा और स्वास्थ्य सेवाओं पर कोटद्वार में गरमाई राजनीति
कोटद्वार। कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में हाल में आई आपदा और सरकारी अस्पताल में डाक्टरों की कमी से प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं पर राजनीति गरम हो गई है। कांग्रेसी जहां आपदा और स्वास्थ्य सेवाओं में बदहाली को लेकर भाजपा सरकार को जिम्मेदार बता रही है, वहीं सत्तारुढ़ दल पर हमला भाजपाइयों को रास नहीं आ रहा है। भाजपाई इसे विरोधियों का दुष्प्रचार करार दे रहे हैं।
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भाजपा के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि विरोधी दलों से जुड़े लोग स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के बनते ही कोटद्वार में 22 डाक्टर नियुक्त हुए हैं, जबकि कांग्रेस शासनकाल में केवल 17 डाक्टर ही तैनात थे। आपदा के बारे में भी विरोधी दुष्प्रचार कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि मृतक आश्रितों को चार-चार लाख की अनुग्रह राशि दी जा चुकी है। 1031 आपदा प्रभावितों को 3800 रुपये की दर से अहैतुक सहायता प्रदान की जा चुकी है। अब तक 299 काश्तकारों को फसल नुकसान का मुआवजा दिया जा चुका है।
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उधर, जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में कोटद्वार में खराब स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा पीड़ितों को समुचित राहत न दिए जाने को प्रदेश सरकार की विफलता करार दिया गया। कहा कि हालात यह हो गए हैं कि भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक खुद अपने को असहज महसूस कर रहे हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. चंद्रमोहन खर्कवाल, नगर अध्यक्ष संजय मित्तल व पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय नारायण सिंह ने कहा कि कोटद्वार अस्पताल से तीन महत्वपूर्ण डाक्टरों का तबादला कर दिया गया, लेकिन सरकार अब तक उनका प्रतिस्थानी नहीं भेज सकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में विशेषज्ञ डाक्टरों समेत कोटद्वार अस्पताल में 27 डाक्टर कार्यरत थे। क्षेत्रीय विधायक एवं काबीना मंत्री डा. हरक सिंह रावत खुद सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी की बात स्वीकार चुके हैं। उन्हें मंत्रिमंडल से तत्काल इस्तीफा देकर समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर संघर्ष करना चाहिए। कांग्रेसियों की बैठक में राकेश मित्तल, दर्शन सिंह रावत, विजय माहेश्वरी, बीडी नवानी, महावीर सिंह रावत, चंद्रमोहन सिंह रावत, बृजपाल सिंह, पपेंद्र सिंह रावत, धीरेंद्र सिंह बिष्ट, शंकेश्वर प्रसाद सेमवाल व उपेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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