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जल्द बनेगा नगर निगम का नया मीटिंग हॉल, भेजा प्रस्ताव
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कोटद्वार। करीब सवा साल पहले उच्चीकृत होकर नगर पालिका परिषद नगर निगम तो बन गया, लेकिन आज भी संसाधन नगर पालिका जैसे ही हैं। हाल यह है कि 20 पार्षदों के लिए बैठने तक की जगह निगम के पास नहीं है। जिससे नगर निगम की बैठकें करवाना भी चुनौती बना है। इस दिक्कत को देखते हुए नगर निगम ने मीटिंग हाल, मेयर और डिप्टी मेयर के लिए पृथक कक्ष के साथ ही पार्षद रूम के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेेेजा है। इस पर 54 लाख रुपये की लागत आएगी। यह भवन मौजूदा नगर निगम के ऊपर प्रस्तावित किया गया है।
8 दिसंबर 2017 को प्रदेश सरकार ने भाबर क्षेत्र के 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को नगर पालिका में शामिल कर नगर निगम बना दिया गया। बीते साल दो दिसंबर, 2018 को शपथ ग्रहण के साथ नगर निगम बोर्ड अस्तित्व में आ गया। नगर निगम बनने के एक साल बाद भी मीटिंग हॉल का निर्माण नहीं हो पाने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक खुले प्रांगण में करवानी पड़ी। दूसरी बोर्ड बैठक को आडिटोरियम में कराना पड़ा। जिससे बोर्ड बैठक के दौरान व्यवस्थाएं बनाने में कर्मचारियों को दिक्कत आई। बाद में नगर निगम प्रशासन की ओर से गौरी पुस्तकालय के ऊपरी मंजिल में मीटिंग हॉल की व्यवस्था की गई है, लेकिन इस व्यवस्था से गौरी पुस्तकालय की व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। दिनभर मीटिंग हॉल में पार्षदों और जनता की भीड़ लगी होने से पाठकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम प्रशासन की ओर से थाने की तरफ बने नई पार्किंग के ऊपर मीटिंग हॉल, मेयर आफिस, डिप्टी मेयर आफिस, पार्षद रूम, शौचालय और किचन का निर्माण कराने का प्रस्ताव किया गया है।
सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी ने बताया कि नगर निगम प्रशासन की ओर से 54 लाख का प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा।
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8 दिसंबर 2017 को प्रदेश सरकार ने भाबर क्षेत्र के 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को नगर पालिका में शामिल कर नगर निगम बना दिया गया। बीते साल दो दिसंबर, 2018 को शपथ ग्रहण के साथ नगर निगम बोर्ड अस्तित्व में आ गया। नगर निगम बनने के एक साल बाद भी मीटिंग हॉल का निर्माण नहीं हो पाने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक खुले प्रांगण में करवानी पड़ी। दूसरी बोर्ड बैठक को आडिटोरियम में कराना पड़ा। जिससे बोर्ड बैठक के दौरान व्यवस्थाएं बनाने में कर्मचारियों को दिक्कत आई। बाद में नगर निगम प्रशासन की ओर से गौरी पुस्तकालय के ऊपरी मंजिल में मीटिंग हॉल की व्यवस्था की गई है, लेकिन इस व्यवस्था से गौरी पुस्तकालय की व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। दिनभर मीटिंग हॉल में पार्षदों और जनता की भीड़ लगी होने से पाठकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम प्रशासन की ओर से थाने की तरफ बने नई पार्किंग के ऊपर मीटिंग हॉल, मेयर आफिस, डिप्टी मेयर आफिस, पार्षद रूम, शौचालय और किचन का निर्माण कराने का प्रस्ताव किया गया है।
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सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी ने बताया कि नगर निगम प्रशासन की ओर से 54 लाख का प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा।
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