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कालागढ़ में भवनों के ध्वस्तीकरण और बेदखली की कार्रवाई अंतिम चरण में: डीएम पौड़ी
Updated Tue, 11 Sep 2018 10:28 PM IST
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कालागढ़/कोटद्वार। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के पालन के लिए कालागढ़ पहुंचे पौड़ी के जिलाधिकारी सुशील कुमार ने सरकारी विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। डीएम ने दो दिन में सरकारी कार्यालयों को दक्षिणी दिशा में स्थानांतरित कर उनके भवनों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए।
एनजीटी के आदेशों के तहत कालागढ़ की नई कालोनी व केंद्रीय कालोनी में रामगंगा बांध परियोजना की भूमि को वन विभाग को वापस सौंपे जाने की कवायद अंतिम चरण में पहुंच गई है। वापस लौटाई जाने वाली भूमि में स्थित भवनों का ध्वस्तीकरण कराने के लिए डीएम सुशील कुमार और कोटद्वार के एसडीएम कमलेश मेहता ने कालागढ़ में डेरा डाल दिया है।
बैठक में बताया गया कि 21 सितंबर तक कालागढ़ में ध्वस्तीकरण करके 24 सितंबर को इसकी स्टेट्स रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल करनी है। जिलाधिकारी ने सभी सरकारी कार्यालयों को मुख्य मार्ग से दक्षिण की तरफ स्थानांतरित करने के आदेश देते हुए दो दिन के भीतर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि कालागढ़ में निवासरत जिन अवैध अध्यासियों के विरुद्ध 2002 से 2006 के दौरान पीपी एक्ट के तहत दाखिल हुए मुकदमों का निर्णय हो गया है। उक्त एक्ट के तहत दोबारा कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। बैठक में उपप्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी, उपप्रभागीय अधिकारी सिंचाई विभाग मनोज लिखवार, जेटीओ बीएसएनएल वेद सिंह, पीएचसी प्रभारी देवेंद्र प्रसाद, भारतीय स्टेट बैंक, डाकघर, ऊर्जा निगम समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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फोटो समाचार कालागढ़ में बैठक और निरीक्षण करते डीएम पौड़ी
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एनजीटी के आदेशों के तहत कालागढ़ की नई कालोनी व केंद्रीय कालोनी में रामगंगा बांध परियोजना की भूमि को वन विभाग को वापस सौंपे जाने की कवायद अंतिम चरण में पहुंच गई है। वापस लौटाई जाने वाली भूमि में स्थित भवनों का ध्वस्तीकरण कराने के लिए डीएम सुशील कुमार और कोटद्वार के एसडीएम कमलेश मेहता ने कालागढ़ में डेरा डाल दिया है।
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बैठक में बताया गया कि 21 सितंबर तक कालागढ़ में ध्वस्तीकरण करके 24 सितंबर को इसकी स्टेट्स रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल करनी है। जिलाधिकारी ने सभी सरकारी कार्यालयों को मुख्य मार्ग से दक्षिण की तरफ स्थानांतरित करने के आदेश देते हुए दो दिन के भीतर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि कालागढ़ में निवासरत जिन अवैध अध्यासियों के विरुद्ध 2002 से 2006 के दौरान पीपी एक्ट के तहत दाखिल हुए मुकदमों का निर्णय हो गया है। उक्त एक्ट के तहत दोबारा कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। बैठक में उपप्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी, उपप्रभागीय अधिकारी सिंचाई विभाग मनोज लिखवार, जेटीओ बीएसएनएल वेद सिंह, पीएचसी प्रभारी देवेंद्र प्रसाद, भारतीय स्टेट बैंक, डाकघर, ऊर्जा निगम समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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फोटो समाचार कालागढ़ में बैठक और निरीक्षण करते डीएम पौड़ी