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एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेश पर कालागढ़ में भवनों का ध्वस्तीकरण शुरू-compat
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:44 PM IST
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कालागढ़/कोटद्वार। एनजीटी और उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रामगंगा बांध परियोजना की कालोनियों और जमीन को वन विभाग को लौटाने की खातिर कालागढ़ में आज मंगलवार और कल बुधवार को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी।
भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए पुलिस, प्रशासन, वन, सिंचाई विभाग के साथ ही संबंधित अधिकारी रविवार को ही कालागढ़ पहुंच चुके थे। सोमवार को भारी पुलिस व पीएसी की मौजूदगी में परियोजना की करोड़ों रुपये की लागत वाले राजकीय आवासों को जमींदोज कर दिया गया। कालागढ़ थाने में एसडीएम राकेश तिवारी ने दो टीमों का गठन कर एक टीम को नई कालोनी और दूसरी को केंद्रीय कालोनी के लिए रवाना किया। नई कालोनी में एसडीएम लैंसडौन कमलेश मेहता के नेतृत्व में पहुंची अधिकारियों की टीम ने प्रबंध खंड के अधिशासी अभियंता के आवास को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। इसके बाद सहायक अभिंयता, मुख्य अभियंता, अपर निदेशक के आवासों को ध्वस्त किया गया।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप प्रभागीय वनाधिकारी के आवास का बिजली कनेक्शन काटकर उसकी चहारदीवारी ध्वस्त की गई। केंद्रीय कालोनी में कोटद्वार के एसडीएम आरके तिवारी के नेतृत्व में गई टीम ने बड़ी संख्या में कर्मचारी आवासों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया। इस दौरान नई कालोनी में डी श्रेणी के आवासों में रह रहे अभियंता अकादमी के कर्मचारियों के परिवारजनों ने विभागीय अधिकारियों के प्रति गहरा रोष जताया। कहा कि भवन तोड़ दिए जाने के बाद वह बेघरबार हो गए हैं। एसडीएम आरके तिवारी ने बताया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सोमवार से शुरू की गई है, जो बुधवार 27 जून तक जारी रहेगी।
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बाजार रहे बंद, बिजली आपूर्ति ठप, नागरिक परेशान
कालागढ़। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान नई कालोनी और केंद्रीय कालोनीे के बाजार बंद रहे, जिससे आम लोगों को जरूरत के सामान के लिए भटकना पड़ा। दोनों कालोनियों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप रही। पानी के लिए लोग परेशान रहे। ऊर्जा निगम के जेई दिनेश कुमार ने बताया कि प्रशासन और उच्च अधिकारियों के आदेश पर ध्वस्त किए जाने वाले भवनों के बिजली के कनेक्शन काट दिए गए थे। ध्वस्तीकरण के दौरान काफी परिवारों को यहां से पलायन करने को मजबूर होना पड़ा।
भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए पुलिस, प्रशासन, वन, सिंचाई विभाग के साथ ही संबंधित अधिकारी रविवार को ही कालागढ़ पहुंच चुके थे। सोमवार को भारी पुलिस व पीएसी की मौजूदगी में परियोजना की करोड़ों रुपये की लागत वाले राजकीय आवासों को जमींदोज कर दिया गया। कालागढ़ थाने में एसडीएम राकेश तिवारी ने दो टीमों का गठन कर एक टीम को नई कालोनी और दूसरी को केंद्रीय कालोनी के लिए रवाना किया। नई कालोनी में एसडीएम लैंसडौन कमलेश मेहता के नेतृत्व में पहुंची अधिकारियों की टीम ने प्रबंध खंड के अधिशासी अभियंता के आवास को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। इसके बाद सहायक अभिंयता, मुख्य अभियंता, अपर निदेशक के आवासों को ध्वस्त किया गया।
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कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप प्रभागीय वनाधिकारी के आवास का बिजली कनेक्शन काटकर उसकी चहारदीवारी ध्वस्त की गई। केंद्रीय कालोनी में कोटद्वार के एसडीएम आरके तिवारी के नेतृत्व में गई टीम ने बड़ी संख्या में कर्मचारी आवासों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया। इस दौरान नई कालोनी में डी श्रेणी के आवासों में रह रहे अभियंता अकादमी के कर्मचारियों के परिवारजनों ने विभागीय अधिकारियों के प्रति गहरा रोष जताया। कहा कि भवन तोड़ दिए जाने के बाद वह बेघरबार हो गए हैं। एसडीएम आरके तिवारी ने बताया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सोमवार से शुरू की गई है, जो बुधवार 27 जून तक जारी रहेगी।
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बाजार रहे बंद, बिजली आपूर्ति ठप, नागरिक परेशान
कालागढ़। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान नई कालोनी और केंद्रीय कालोनीे के बाजार बंद रहे, जिससे आम लोगों को जरूरत के सामान के लिए भटकना पड़ा। दोनों कालोनियों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप रही। पानी के लिए लोग परेशान रहे। ऊर्जा निगम के जेई दिनेश कुमार ने बताया कि प्रशासन और उच्च अधिकारियों के आदेश पर ध्वस्त किए जाने वाले भवनों के बिजली के कनेक्शन काट दिए गए थे। ध्वस्तीकरण के दौरान काफी परिवारों को यहां से पलायन करने को मजबूर होना पड़ा।