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पशुपालक विवेक और कृषक होशियार हुए सम्मानित
Updated Mon, 04 Jun 2018 10:52 PM IST
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दुगड्डा। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) परियोजना की ओर से आयोजित ब्लाक स्तरीय खरीफ कृषि गोष्ठी में कृषकों को कलस्टर के माध्यम से कृषि कार्य करने की जानकारी दी गई। पशुपालक विवेक कुमार व कृषक होशियार सिंह को अपने क्षेत्र में किए गए अव्वल प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
सोमवार को विकास खंड दुगड्डा मुख्यालय के सभागार में ब्लाक स्तरीय कृषक गोष्ठी खरीफ 2018 में आत्मा के जिला परियोजना निदेशक चंद्रप्रकाश ने कहा कि कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन और रेशम विभाग को एक कर एकीकृत योजना ‘आत्मा’ बनाई गई है। इसमें 90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी राज्य सरकार से सहायता मिलती है। परियोजना निदेशक ने कहा कि कृषकों के लिए निशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने युवाओं से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
ब्लॉक प्रभारी महक सिंह ने कहा कि काश्तकारों को कृषि योजनाओें की जानकारी न होने से फसल उत्पादन का उचित लाभ नहीं मिलता है। उन्हें कृषि क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं से वंचित रहना पड़ता है। आमसौड़ के काश्तकार इंद्रमोहन जुयाल, सीला के काश्तकार व ग्राम प्रधान हरपाल सिंह असवाल ने कहा कि गांव की अधिकांश भूमि में सुरक्षा घेरबाड़ न होने से जंगली जानवर खेती को नष्ट कर रहे हैं। इससे उपजाऊ भूमि बंजर होने के कगार पर है। उन्होंने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग की।
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इस अवसर पर परियोजना में तकनीकी सलाहकार आरके केष्टवाल, पशुपालन विभाग के मनोज जोशी, न्याय पंचायत प्रभारी राजेंद्र प्रसाद, रेशम विभाग के यशपाल सिंह, प्राची रावत, उद्यान विभाग की नेहा रावत ने कृषकों को विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी।
-फोटो
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सोमवार को विकास खंड दुगड्डा मुख्यालय के सभागार में ब्लाक स्तरीय कृषक गोष्ठी खरीफ 2018 में आत्मा के जिला परियोजना निदेशक चंद्रप्रकाश ने कहा कि कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन और रेशम विभाग को एक कर एकीकृत योजना ‘आत्मा’ बनाई गई है। इसमें 90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी राज्य सरकार से सहायता मिलती है। परियोजना निदेशक ने कहा कि कृषकों के लिए निशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने युवाओं से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
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ब्लॉक प्रभारी महक सिंह ने कहा कि काश्तकारों को कृषि योजनाओें की जानकारी न होने से फसल उत्पादन का उचित लाभ नहीं मिलता है। उन्हें कृषि क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं से वंचित रहना पड़ता है। आमसौड़ के काश्तकार इंद्रमोहन जुयाल, सीला के काश्तकार व ग्राम प्रधान हरपाल सिंह असवाल ने कहा कि गांव की अधिकांश भूमि में सुरक्षा घेरबाड़ न होने से जंगली जानवर खेती को नष्ट कर रहे हैं। इससे उपजाऊ भूमि बंजर होने के कगार पर है। उन्होंने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग की।
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इस अवसर पर परियोजना में तकनीकी सलाहकार आरके केष्टवाल, पशुपालन विभाग के मनोज जोशी, न्याय पंचायत प्रभारी राजेंद्र प्रसाद, रेशम विभाग के यशपाल सिंह, प्राची रावत, उद्यान विभाग की नेहा रावत ने कृषकों को विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी।
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