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खनन के ओवरलोड डंपरों के खिलाफ भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन
Updated Fri, 16 Mar 2018 10:52 PM IST
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किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर की सुखरौ और खोह नदियों में रिवर चैनलाइजेशन के नाम पर हो रहे खनन और ओवरलोड डंपरों के चिलरखाल मार्ग से लालढांग की ओर ले जाने से भड़के ग्रामीणों ने शुक्रवार को हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से ओवरलोड चल रहे डंपर और ट्रैक्टर-ट्रालियां सड़क और पुलियों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कोटद्वार की नदियों में हो रहे खनन का परिवहन यूपी के रास्ते करने की मांग की।
शासन-प्रशासन ने नदियों के चैनलाइजेशन के लिए कोटद्वार की खोह और सुखरो नदियों में पट्टे आवंटित किए हैं। पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से दिन रात चल रहे खनन से लोग परेशान हैं। शुक्रवार को सिगड्डी के चिलरखाल में ग्रामीणों ने डंपर रोक कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सिगड्डी के साथ ही लालढांग और चमरिया के ग्रामीणों ने भी हंगामा किया। ग्रामीणों ने कहा कि ओवरलोड डंपरों के संचालन से ग्रामीणों को आए दिन समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने चिलरखाल बैरियर पर करीब तीन घंटे जाम लगाया। साथ ही जल्द कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। पूर्व प्रधान जगदीश सिंह मेहरा, चंद्र सिंह रावत, कमल किशोर, भारत सिंह, धर्म सिंह, कौशल नेगी, सुमित्रा देेवी, कौशल्या देवी, विकास कुकरेती, नवीन शर्मा, देवेंद्र राणा कहना है कि पिछले एक माह से सुखरौ नदी में रिवर चैनलाइजेशन के नाम पर खनन चल रहा है, जिसमें वाहन स्वामी क्षमता से अधिक खनन सामग्री लादकर ले जा रहे हैं।
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शासन-प्रशासन ने नदियों के चैनलाइजेशन के लिए कोटद्वार की खोह और सुखरो नदियों में पट्टे आवंटित किए हैं। पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से दिन रात चल रहे खनन से लोग परेशान हैं। शुक्रवार को सिगड्डी के चिलरखाल में ग्रामीणों ने डंपर रोक कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सिगड्डी के साथ ही लालढांग और चमरिया के ग्रामीणों ने भी हंगामा किया। ग्रामीणों ने कहा कि ओवरलोड डंपरों के संचालन से ग्रामीणों को आए दिन समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
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शुक्रवार को ग्रामीणों ने चिलरखाल बैरियर पर करीब तीन घंटे जाम लगाया। साथ ही जल्द कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। पूर्व प्रधान जगदीश सिंह मेहरा, चंद्र सिंह रावत, कमल किशोर, भारत सिंह, धर्म सिंह, कौशल नेगी, सुमित्रा देेवी, कौशल्या देवी, विकास कुकरेती, नवीन शर्मा, देवेंद्र राणा कहना है कि पिछले एक माह से सुखरौ नदी में रिवर चैनलाइजेशन के नाम पर खनन चल रहा है, जिसमें वाहन स्वामी क्षमता से अधिक खनन सामग्री लादकर ले जा रहे हैं।
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