{"_id":"59b41d9e4f1c1beb7f8b56a3","slug":"161504976286-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 साल में नहीं बन सका 23 किमी भौन-द्वारी मार्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10 साल में नहीं बन सका 23 किमी भौन-द्वारी मार्ग
Updated Sat, 09 Sep 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
धुमाकोट। 23 किमी लंबी भौन-द्वारी सड़क पिछले 10 साल में भी पूरी नहीं बन पाई है। लोनिवि के लैंसडौन डिविजन के अंतर्गत आने वाली इस सड़क निर्माण के दौरान जिन लोगों की जमीन अधिग्रहीत की गई उन्हें उसका मुआवजा तक नहीं मिला है।
2007-08 में तत्कालीन सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (रिटा.) के कार्यकाल में 23 किमी भौन-द्वारी मोटरमार्ग स्वीकृत हुआ था। सड़क की कटिंग के बाद अन्य कार्य शेष रह गए। उनके सीएम पद से हटते ही सड़क निर्माण कार्य बंद हो गया।
सड़क के न बनने से भौन, सुकरौ, द्वारी, गवाणा, नावी मल्ली, नावी तल्ली, डणधार, तोल्यूंडांडा, पासीखाल समेत एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन
भाजपा मंडल अध्यक्ष दीनदयाल कंडारी का कहना है कि आधी अधूरी इस सड़क पर जीप टैक्सियों का संचालन भी मुश्किल है। इस संबंध में लोनिवि लैंसडौन के अधिशासी अभियंता दिनेश बिजल्वाण ने कहा कि सड़क का कार्य पूरा करने और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
2007-08 में तत्कालीन सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (रिटा.) के कार्यकाल में 23 किमी भौन-द्वारी मोटरमार्ग स्वीकृत हुआ था। सड़क की कटिंग के बाद अन्य कार्य शेष रह गए। उनके सीएम पद से हटते ही सड़क निर्माण कार्य बंद हो गया।
विज्ञापन
सड़क के न बनने से भौन, सुकरौ, द्वारी, गवाणा, नावी मल्ली, नावी तल्ली, डणधार, तोल्यूंडांडा, पासीखाल समेत एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन
भाजपा मंडल अध्यक्ष दीनदयाल कंडारी का कहना है कि आधी अधूरी इस सड़क पर जीप टैक्सियों का संचालन भी मुश्किल है। इस संबंध में लोनिवि लैंसडौन के अधिशासी अभियंता दिनेश बिजल्वाण ने कहा कि सड़क का कार्य पूरा करने और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।