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जान हथेली पर रखकर आवाजाही कर रहे पाबौ और राठ के ग्रामीण

Wed, 12 Jul 2017 10:38 PM IST
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:38 PM IST
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जान हथेली पर रखकर आवाजाही कर रहे पाबौ और राठ के ग्रामीण
कोटद्वार। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग पाबौ के अंतर्गत पड़ने वाले संतूधार-मासौं-पाबौ मोटर मार्ग के किमी 28 पर पिछले एक साल से निर्माणाधीन पुलिया आज तक नहीं बन सकी है। इसके कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर इस मोटर मार्ग से सफर करने को मजबूर हैं। हर बरसात में यहां पर गदेरा उफान पर बहता है। यह मोटर मार्ग राठ क्षेत्र को कोटद्वार मार्ग से जोड़ता है।
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क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता हुकुम सिंह बिष्ट ने बताया कि पिछले वर्ष की आपदा में इस मार्ग के किमी. संख्या 28 के गदेरे में स्थित कलमट (स्कवर) भारी बारिश में ढह गया था। तब विभाग की ओर से यहां पर नए कलमट के बजाय पुलिया निर्माण का फैसला लिया गया। पुलिया निर्माण का हाल यह है कि एक साल में केवल इस पुलिया का बेसमेंट ही बन पाया है। दोबारा बरसात का मौसम शुरू हो गया है, जबकि मोटर मार्ग की दशा संतूधार से लेकर पाबौ तक दयनीय बनी हुई है। मार्ग में जगह-जगह गड्ढ़े बने हुए हैं और पुश्ते ढह गए हैं। कैलाश चंद्र व रमेश कुमार का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की सुस्त कार्यप्रणाली क्षेत्र के ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। यह मोटर मार्ग पूरे राठ क्षेत्र को कोटद्वार से जोड़ने वाला मार्ग है।
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लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड पाबौ के अधिशासी अभियंता प्रत्यूष कुमार ने बताया कि बजट की कमी के चलते पुलिया का निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाया। पुलिया निर्माण और सड़क की मरम्मत के लिए शासन से बजट मांगा गया है। बजट मिलते ही कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
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