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रामपुर में सिंचाई नहर हुई चोक, लोगों के घरों में घुसा पानी
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कोटद्वार। सनेह क्षेत्र के अंतर्गत कुंभीचौड़-रामपुर-सनेह सिंचाई नहर के क्षतिग्रस्त होने और नहर की सफाई नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियां हो रही हैं। शुक्रवार सुबह बारिश के चलते नहर में भारी मात्रा में मलबा घुस गया, जिससे नहर चोक हो गई। इससे नहर का पानी ओवर फ्लो होकर लोगों के घरों में घुस गया। ग्रामीणों का आरोप है कि वे सिंचाई विभाग से क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग उदासीन बना हुआ है। लोगों ने अविलंब सिंचाई नहर की मरम्मत और सफाई कराने की मांग उठाई है।
सनेह क्षेत्र के अंतर्गत कुंभीचौड़-रामपुर-सनेह सिंचाई नहर गत कई वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। लोग लगातार नहर की मरम्मत कराने के साथ ही नहर में जमा मलबे की सफाई कराने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार सुबह हुई बारिश के चलते मलबे से पटी सिंचाई नहर चोक हो गई, जिससे रणजीत सिंह नेगी, प्रताप सिंह गुसाईं, सुदामा प्रसाद, राम सिंह और वीर सिंह रावत के घरों में पानी घुस गया। सूचना पर पहुंची नगर निगम की जेसीबी ने नहर से मलबा हटाया। सामाजिक कार्यकर्ता अंजू पुंडीर और मदन सिंह रावत ने बताया कि सिंचाई नहर की मरम्मत और नहर की सफाई को लेकर वे कई बार सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन को लिखित रूप में अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 और वर्ष 2018 में आई आपदा के दौरान गांव से सटे जंगल से भारी मात्रा में मलबा आने से वन सीमा पर बनी हाथी सुरक्षा दीवार और सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। कहा कि वर्तमान में क्षेत्र में धान की रोपाई शुरू हो चुकी है, लेकिन नहर की सफाई नहीं होने के कारण पानी टेल के इलाकों तक नहीं पहुंच रहा है। वहीं नहर का पानी ऊपरी इलाकों में लोगों के घरों में घुस रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सिंचाई नहर की मरम्मत और सफाई नहीं कराई गई तो क्षेत्र के काश्तकार उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
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सनेह क्षेत्र के अंतर्गत कुंभीचौड़-रामपुर-सनेह सिंचाई नहर गत कई वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। लोग लगातार नहर की मरम्मत कराने के साथ ही नहर में जमा मलबे की सफाई कराने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार सुबह हुई बारिश के चलते मलबे से पटी सिंचाई नहर चोक हो गई, जिससे रणजीत सिंह नेगी, प्रताप सिंह गुसाईं, सुदामा प्रसाद, राम सिंह और वीर सिंह रावत के घरों में पानी घुस गया। सूचना पर पहुंची नगर निगम की जेसीबी ने नहर से मलबा हटाया। सामाजिक कार्यकर्ता अंजू पुंडीर और मदन सिंह रावत ने बताया कि सिंचाई नहर की मरम्मत और नहर की सफाई को लेकर वे कई बार सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन को लिखित रूप में अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 और वर्ष 2018 में आई आपदा के दौरान गांव से सटे जंगल से भारी मात्रा में मलबा आने से वन सीमा पर बनी हाथी सुरक्षा दीवार और सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। कहा कि वर्तमान में क्षेत्र में धान की रोपाई शुरू हो चुकी है, लेकिन नहर की सफाई नहीं होने के कारण पानी टेल के इलाकों तक नहीं पहुंच रहा है। वहीं नहर का पानी ऊपरी इलाकों में लोगों के घरों में घुस रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सिंचाई नहर की मरम्मत और सफाई नहीं कराई गई तो क्षेत्र के काश्तकार उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
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