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ऑर्गनिक कार्बन और पोटाश की कमी से घट रही क्षेत्र में खेतों की उत्पादन क्षमता
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कोटद्वार। नगर निगम क्षेत्र में आर्गेनिक कार्बन और पोटाश की कमी के कारण खेतों में अम्लीयता बढ़ रही है, जिससे लगातार खेतों की उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है। सोमवार को यहां उद्यान विभाग में मृदा परीक्षण के दौरान यह बात सामने आई।
सोमवार को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के ग्रास्टनगंज स्थित कार्यालय में इफ्को की मोबाइल टेस्टिंग लैब ने क्षेत्र के 120 से अधिक काश्तकारों द्वारा लाई गई मिट्टी के सैंपलों का मृदा परीक्षण किया। इफ्को मोबाइल टेस्टिंग लैब के डिप्टी मैनेजर एके सिंह ने बताया कि मृदा परीक्षण के दौरान अधिकांश खेतों में आर्गेनिक कार्बन की कमी और खेतों में अम्लीयता की अधिकता पाई गई। कहा कि इसके लिए गोबर की खाद और कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षण के दौरान मिट्टी का पीएच 6.5 पाया गया, जो मानक से 20 फीसदी तक कम है। उन्होंने कहा कि यदि काश्तकार हरी खाद और कंपोस्ट खाद का प्रयोग करें तो उन्हें रासायनिक खादों के कम प्रयोग पर भी अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि खेतों में पोटाश की कमी भी पाई गई, इसके लिए किसी भी बढ़िया कंपनी का पोटाश इस्तेमाल करें। इस मौके पर टेस्टिंग हेल्पर संतोष तिवारी, लैब अटेंडेंट श्रीकृष्ण द्विवेदी, सहायक विकास अधिकारी उद्यान भरत सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के ग्रास्टनगंज स्थित कार्यालय में इफ्को की मोबाइल टेस्टिंग लैब ने क्षेत्र के 120 से अधिक काश्तकारों द्वारा लाई गई मिट्टी के सैंपलों का मृदा परीक्षण किया। इफ्को मोबाइल टेस्टिंग लैब के डिप्टी मैनेजर एके सिंह ने बताया कि मृदा परीक्षण के दौरान अधिकांश खेतों में आर्गेनिक कार्बन की कमी और खेतों में अम्लीयता की अधिकता पाई गई। कहा कि इसके लिए गोबर की खाद और कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षण के दौरान मिट्टी का पीएच 6.5 पाया गया, जो मानक से 20 फीसदी तक कम है। उन्होंने कहा कि यदि काश्तकार हरी खाद और कंपोस्ट खाद का प्रयोग करें तो उन्हें रासायनिक खादों के कम प्रयोग पर भी अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि खेतों में पोटाश की कमी भी पाई गई, इसके लिए किसी भी बढ़िया कंपनी का पोटाश इस्तेमाल करें। इस मौके पर टेस्टिंग हेल्पर संतोष तिवारी, लैब अटेंडेंट श्रीकृष्ण द्विवेदी, सहायक विकास अधिकारी उद्यान भरत सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
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