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राजस्व विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे खातेदार ..
Updated Wed, 26 Sep 2018 10:44 PM IST
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कोटद्वार। तहसील क्षेत्र के भू-अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण में की गई लापरवाही अब आम जनता, खातेदारों और सहखातेदारों को भुगतनी पड़ रही है। कंप्यूटरीकरण के बाद तहसील क्षेत्र के 80 फीसदी भू-अभिलेखों में खातेदार और सहखातेदारों के नाम के साथ ही उनके माता-पिता के नाम गलत चढ़ाए गए हैं। गलतियों को सुधारने के लिए लोग तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
समाजसेवी जगमोहन भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई विभिन्न संगठनों की बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं ने कहा कि खाता, खतौनी केे कंप्यूटरीकरण करने के दौरान 60 से 80 फीसदी अभिलेखों में खातेदार, सहखातेदार और उनके माता पिता के नाम गलत दर्ज कर दिए गए हैं, लेकिन विभागीय कर्मियों और एजेंसी की गलती का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। उन्होंने जनता की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने और गलतियों को सुधारने के लिए तेेजी से काम करने की मांग की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन सिंह पंवार और अधिवक्ता कुंवर सिंह गुसाईं ने कहा कि गलतियों को सुधारने के लिए एक सरल विधिक प्रक्रिया अपनाने के लिए सरकार को नया शासनादेश जारी करना चाहिए। इस मौके पर जितेंद्र चौहान, विजय ध्यानी, रवींद्र सिंह, चंद्रप्रकाश नैथानी, राजाराम अण्थवाल, ज्ञान सिंह नेगी, परशुराम, दीपेंद्र काला व विनोद रावत समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
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समाजसेवी जगमोहन भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई विभिन्न संगठनों की बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं ने कहा कि खाता, खतौनी केे कंप्यूटरीकरण करने के दौरान 60 से 80 फीसदी अभिलेखों में खातेदार, सहखातेदार और उनके माता पिता के नाम गलत दर्ज कर दिए गए हैं, लेकिन विभागीय कर्मियों और एजेंसी की गलती का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। उन्होंने जनता की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने और गलतियों को सुधारने के लिए तेेजी से काम करने की मांग की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन सिंह पंवार और अधिवक्ता कुंवर सिंह गुसाईं ने कहा कि गलतियों को सुधारने के लिए एक सरल विधिक प्रक्रिया अपनाने के लिए सरकार को नया शासनादेश जारी करना चाहिए। इस मौके पर जितेंद्र चौहान, विजय ध्यानी, रवींद्र सिंह, चंद्रप्रकाश नैथानी, राजाराम अण्थवाल, ज्ञान सिंह नेगी, परशुराम, दीपेंद्र काला व विनोद रावत समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
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