फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   यमकेश्वर के एकमात्र पर्यटक आवास गृह पर लटके ताले, लोगों में रोष

यमकेश्वर के एकमात्र पर्यटक आवास गृह पर लटके ताले, लोगों में रोष

Sat, 15 Sep 2018 10:52 PM IST
Updated Sat, 15 Sep 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
यमकेश्वर के एकमात्र पर्यटक आवास गृह पर लटके ताले, लोगों में रोष
यमकेश्वर। पर्यटन की अपार संभावनाएं समेटे यमकेश्वर विकासखंड में जीएमवीएन की उदासीनता यहां के पर्यटक आवास गृह पर भारी पड़ रही है। बदहाल हो चुके पर्यटक आवास गृह की मरम्मत कर इसमें पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने के बजाय इस गेस्ट हाउस को बंद कर दिया गया। इसके चलते इसका लाभ क्षेत्र में पहुंचने वाले पर्यटकों को नहीं मिल पा रहा है। पर्यटक आवास गृह का संचालन बंद करने से अब यहां असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है।
विज्ञापन

चार जुलाई, 2005 को यमकेश्वर क्षेत्र को पर्यटन से जोड़ते हुए तत्कालीन पर्यटन मंत्री ले. जनरल तेजपाल सिंह रावत (रिटा.) ने पर्यटकों के ठहरने के लिए 20 बेड का पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण किया था। यमकेश्वर क्षेत्र का एकमात्र पर्यटक आवास गृह होने के कारण शुरुआत में पर्यटक आवास गृह में पर्यटकों की बराबर आवाजाही बनी रही, लेकिन जीएमवीएन की ओर से देखरेख की कमी के चलते आवास गृह की हालत बदतर होती चली गई। विभाग द्वारा आवास गृह की मरम्मत करने की बजाय उसे बंद कर दिया।
विज्ञापन

वर्तमान में पर्यटक आवास गृह के बंद होने से यमकेश्वर आने वाले पर्यटकों को रात रुकने का स्थान मुहैया नहीं हो पा रहा है। पर्यटक ठहरने के लिए यमकेश्वर से 10 किमी दूर कांडी जाने को मजबूर हैं। इसके कारण स्थानीय लोगों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। यही नहीं, आवास गृह के बंद होने के कारण वहां अब दिन-रात नशेड़ियों की महफिल सजी रहती है, जिसके कारण यमकेश्वर का माहौल खराब हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम प्रधान बडोली बड़ी विजयपाल सिंह नेगी, ग्राम प्रधान जिया दमराडा सुरेश केष्टवाल व ग्राम प्रधान आसों दमराड़ा नितिन बडोला ने बताया कि सरकार ने लाखों रुपया लगाकर पर्यटक आवास गृह का निर्माण किया था, लेकिन आज विभाग की उदासीनता के कारण पर्यटक आवास गृह बंद है।
उधर, जिला पर्यटन अधिकारी पौड़ी अतुल भंडारी ने बताया कि उन्हें यमकेश्वर स्थित पर्यटक आवास गृह के बंद होने की जानकारी नहीं है। यदि पर्यटक आवास गृह बंद है तो उसको पीपीपी मोड पर संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।

-फोटो

दुगड्डा में अधूरा बना पर्यटक भवन खंडहर में तब्दील
12 साल में भी पूरा नहीं बन सका पर्यटक भवन, कैसे होगा पर्यटन विकास
32 लाख रुपये खर्च कर दिए, अब 20 लाख रुपये की और दरकार
16 से 27 सितंबर तक प्रदेश में मनाया जाएगा पर्यटन दिवस
जगमोहन सिंह रावत
दुगड्डा (कोटद्वार)। एक ओर जहां प्रदेश का पर्यटन मंत्रालय और विभाग 16 से 27 सितंबर तक पर्यटन दिवस के रूप में मना रहा है, वहीं महकमे की उदासीनता के चलते कई महत्वपूर्ण स्थानों पर निर्माणाधीन पर्यटक भवन खंडहर होने के कगार पर पहुंच गए हैं। ऐसा ही एक पर्यटक भवन दुगड्डा में बना है, जिसका निर्माण 12 साल में भी पूरा नहीं हो सका है। हाल यह है कि इस भवन पर 32 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं और अब 20 लाख रुपये की और दरकार है।
वर्ष 2005-06 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग में चूनाधारा के निकट प्रदेश के पर्यटन विभाग ने पर्यटक भवन बनाने के लिए 32 लाख का बजट स्वीकृत किया था। भवन के निर्माण के लिए नगर पालिका परिषद दुगड्डा को कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी सौंपकर बजट आवंटित किया गया। कार्य समाप्ति के अंतिम चरण में संबंधित ठेकेदार की आकस्मिक मौत होने से निर्माण कार्य अधूरा रह गया। नगर पालिका ने विभाग से कार्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की, लेकिन विभाग आश्वासन से काम चला रहा है।

वर्तमान में अधूरे भवन की स्थिति रखरखाव नहीं होने के कारण बदहाल है। उधर, नगर पालिका दुगड्डा के अधिशासी अधिकारी हर्षवर्द्धन सिंह रावत ने बताया कि पर्यटन विभाग ने निर्माणाधीन योजना के लंबित कार्यों के लिए शासन से 20 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट की मांग की है। बजट मिलने पर शेष कार्य पूर्ण किया जाएगा।

-फोटो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed