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प्राथमिक विद्यालय बूंगीधार का भवन गिरने की कगार पर
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:44 PM IST
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दुगड्डा (कोटद्वार)। राजकीय प्राथमिक विद्यालय बूंगीधार के नौनिहाल जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि विद्यालय के कक्षा-कक्षों की छतों और बीम का प्लास्टर झड़ रहा है, जिससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
ग्राम पंचायत जुवा के बूंगीधार गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय पिछले कई सालों से खस्ताहाल हो चुका है। लेंटर का प्लास्टर झड़ चुका है और जंक खाए सरिया पूरा भार संभाले हुए हैं। भारी बारिश में छत टपकने लगती है, जिससे विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और स्कूल स्टाफ की जिंदगी खतरे में है। सीलन से कक्षा-कक्षों में दुर्गंध उठती है। छत के बीम क्षतिग्रस्त होने से वह गिरने के कगार पर है। ग्राम प्रधान जुवा इसलाम अली का कहना कि प्राथमिक विद्यालय के भवन निर्माण के लिए विभाग के अधिकारियों के साथ ही शासन-प्रशासन को कई बार लिखित रूप में अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विद्यालय की प्रधानाध्यापक समीना बेगम का कहना है कि विद्यालय के भवन की जर्जर हालत के संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत की जा चुकी है। बरसात के दिनों में छतों से पानी टपकने लगता है, जिससे पठन-पाठन में व्यवधान हो रहा है। छत कमजोर होने के कारण दुर्घटना का अंदेशा भी बना हुआ है। जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) कुंवर सिंह रावत ने बताया कि अभी जिले में 35 विद्यालयों के भवनों के निर्माण की स्वीकृति मिली है। उनका निर्माण चल रहा है। बूंगीधार स्कूल समेत अन्य 35 विद्यालय भवनों के निर्माण का प्रस्ताव सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने पर भवन निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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ग्राम पंचायत जुवा के बूंगीधार गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय पिछले कई सालों से खस्ताहाल हो चुका है। लेंटर का प्लास्टर झड़ चुका है और जंक खाए सरिया पूरा भार संभाले हुए हैं। भारी बारिश में छत टपकने लगती है, जिससे विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और स्कूल स्टाफ की जिंदगी खतरे में है। सीलन से कक्षा-कक्षों में दुर्गंध उठती है। छत के बीम क्षतिग्रस्त होने से वह गिरने के कगार पर है। ग्राम प्रधान जुवा इसलाम अली का कहना कि प्राथमिक विद्यालय के भवन निर्माण के लिए विभाग के अधिकारियों के साथ ही शासन-प्रशासन को कई बार लिखित रूप में अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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विद्यालय की प्रधानाध्यापक समीना बेगम का कहना है कि विद्यालय के भवन की जर्जर हालत के संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत की जा चुकी है। बरसात के दिनों में छतों से पानी टपकने लगता है, जिससे पठन-पाठन में व्यवधान हो रहा है। छत कमजोर होने के कारण दुर्घटना का अंदेशा भी बना हुआ है। जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) कुंवर सिंह रावत ने बताया कि अभी जिले में 35 विद्यालयों के भवनों के निर्माण की स्वीकृति मिली है। उनका निर्माण चल रहा है। बूंगीधार स्कूल समेत अन्य 35 विद्यालय भवनों के निर्माण का प्रस्ताव सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने पर भवन निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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