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वन मंत्री ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण
Updated Sat, 25 Aug 2018 10:40 PM IST
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कोटद्वार। क्षेत्रीय विधायक और वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। उन्होंने प्रभावितों को हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलाया।
शनिवार को कोटद्वार में बाढ़ की सूचना मिलते ही वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत कोटद्वार पहुंचे। उन्होंने कार्बेट के स्वागत कक्ष और लैंसडौन वन प्रभाग की चौकी के क्षतिग्रस्त होने का जायजा लिया। उन्होंने वन अधिकारियों को उसकी मरम्मत करने के निर्देश दिए। इसके बाद वन मंत्री आमपड़ाव स्थित आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पनियाली गदेरे के चैनलाइजेशन को लेकर जानकारी ली। उन्होंने आपदा प्रभावित ध्यान सिंह, कन्हैया, भीम सिंह और ओमपाल को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया। इसके अलावा उन्होंने कौड़िया क्षेत्र में नुकसान की जानकारी ली और प्रशासन को आपदा के कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
उधर, आमपड़ाव में पनियाली गदेरे के उफान में दो मंजिला मकान ढहने के बाद एसडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। एसडीआरएफ की टीम ने लोगों की मदद से मकान का मलबा हटाया। प्रशासन की ओर से रिफ्यूजल कालोनी और कौड़िया के प्रभावितों के लिए राहत कैंप की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
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पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नगी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
कोटद्वार। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों आमपड़ाव, कौडिया, सिताबपुर, निंबूचौड़, मवाकोट, सिगड्डी, शीतल पुर, किशनपुरी, तेलीस्रोत, तेलीवाड़ा, उदयरामपुर, त्रिलोकपुर का दौरा किया। पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार पर बरसात से पहले बाढ़ सुरक्षा इंतजाम नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस आपदा में प्रदेश सरकार की आपदा प्रबंधन की टीमें कहीं दिखाई नहीं दी हैं। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख सुरेश असवाल, हरेंद्र पुंडीर, राजेंद्र सिंह, गजपाल चौहान आदि मौजूद थे। उधर, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रंजना रावत ने भी भाबर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर नुकसान का जायजा लिया।
शनिवार को कोटद्वार में बाढ़ की सूचना मिलते ही वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत कोटद्वार पहुंचे। उन्होंने कार्बेट के स्वागत कक्ष और लैंसडौन वन प्रभाग की चौकी के क्षतिग्रस्त होने का जायजा लिया। उन्होंने वन अधिकारियों को उसकी मरम्मत करने के निर्देश दिए। इसके बाद वन मंत्री आमपड़ाव स्थित आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पनियाली गदेरे के चैनलाइजेशन को लेकर जानकारी ली। उन्होंने आपदा प्रभावित ध्यान सिंह, कन्हैया, भीम सिंह और ओमपाल को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया। इसके अलावा उन्होंने कौड़िया क्षेत्र में नुकसान की जानकारी ली और प्रशासन को आपदा के कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
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उधर, आमपड़ाव में पनियाली गदेरे के उफान में दो मंजिला मकान ढहने के बाद एसडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। एसडीआरएफ की टीम ने लोगों की मदद से मकान का मलबा हटाया। प्रशासन की ओर से रिफ्यूजल कालोनी और कौड़िया के प्रभावितों के लिए राहत कैंप की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
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पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नगी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
कोटद्वार। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों आमपड़ाव, कौडिया, सिताबपुर, निंबूचौड़, मवाकोट, सिगड्डी, शीतल पुर, किशनपुरी, तेलीस्रोत, तेलीवाड़ा, उदयरामपुर, त्रिलोकपुर का दौरा किया। पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार पर बरसात से पहले बाढ़ सुरक्षा इंतजाम नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस आपदा में प्रदेश सरकार की आपदा प्रबंधन की टीमें कहीं दिखाई नहीं दी हैं। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख सुरेश असवाल, हरेंद्र पुंडीर, राजेंद्र सिंह, गजपाल चौहान आदि मौजूद थे। उधर, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रंजना रावत ने भी भाबर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर नुकसान का जायजा लिया।