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अमोला में तीन शिक्षकों के भरोसे चल रही पांच की कक्षाएं
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:28 PM IST
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यमकेश्वर। शिक्षक न होने से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमोला के करीब 150 छात्र-छात्राओं को विज्ञान और अंग्रेजी की शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इससे बच्चों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है।
वर्ष 1996 में जूनियर हाईस्कूल अमोला की छात्र संख्या अधिक होने के कारण इसे हाईस्कूल में उच्चीकृत कर दिया गया था। विद्यालय के शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद उनके स्थान पर अन्य शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई। वर्तमान में आलम यह है कि पिछले एक साल से विद्यालय में सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों के शिक्षक नहीं हैं। इससे विद्यालय में शिक्षा ले रहे करीब 150 छात्र-छात्राओं को शिक्षा लेने में परेशानी हो रही है।
पीटीए अध्यक्ष लक्ष्मीकांत गौनियाल, महावीर प्रसाद, सुशील कुमार व गिरीश सिंह ने शिक्षा विभाग पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में ताछला, अमोला, कचुंडा और अमोला ग्राम पंचायतों के बच्चे शिक्षा लेने के लिए आते हैं। विद्यालय के शारीरिक शिक्षक काफी समय से बीमार होने के कारण विद्यालय में नहीं आ रहे हैं। प्रधानाचार्य को विद्यालय के कार्य के लिए अधिकतर बाहर रहना पड़ता है, ऐसे में तीन ही शिक्षकों के सहारे कक्षा छह से 10 तक पांच कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इससे हाईस्कूल के बच्चों को बोर्ड की परीक्षाओं की चिंता सता रही है।
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उधर, यमकेश्वर ब्लाक के बीईओ अमित कोठियाल ने बताया कि शिक्षकों की कमी की सूचना विभाग के आला अधिकारियों को भेज दी गई है। शीघ्र शिक्षकों की तैनाती किए जाने की उम्मीद है।
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वर्ष 1996 में जूनियर हाईस्कूल अमोला की छात्र संख्या अधिक होने के कारण इसे हाईस्कूल में उच्चीकृत कर दिया गया था। विद्यालय के शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद उनके स्थान पर अन्य शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई। वर्तमान में आलम यह है कि पिछले एक साल से विद्यालय में सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों के शिक्षक नहीं हैं। इससे विद्यालय में शिक्षा ले रहे करीब 150 छात्र-छात्राओं को शिक्षा लेने में परेशानी हो रही है।
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पीटीए अध्यक्ष लक्ष्मीकांत गौनियाल, महावीर प्रसाद, सुशील कुमार व गिरीश सिंह ने शिक्षा विभाग पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में ताछला, अमोला, कचुंडा और अमोला ग्राम पंचायतों के बच्चे शिक्षा लेने के लिए आते हैं। विद्यालय के शारीरिक शिक्षक काफी समय से बीमार होने के कारण विद्यालय में नहीं आ रहे हैं। प्रधानाचार्य को विद्यालय के कार्य के लिए अधिकतर बाहर रहना पड़ता है, ऐसे में तीन ही शिक्षकों के सहारे कक्षा छह से 10 तक पांच कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इससे हाईस्कूल के बच्चों को बोर्ड की परीक्षाओं की चिंता सता रही है।
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उधर, यमकेश्वर ब्लाक के बीईओ अमित कोठियाल ने बताया कि शिक्षकों की कमी की सूचना विभाग के आला अधिकारियों को भेज दी गई है। शीघ्र शिक्षकों की तैनाती किए जाने की उम्मीद है।