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कोटद्वार क्षेत्र में छाया डायरिया का प्रकोप, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
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कोटद्वार। क्षेत्र में गर्मी बढ़ने के साथ ही बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। प्रतिदिन करीब एक हजार लोग अपना उपचार कराने बेस अस्पताल पहुंचते हैं, जिसमें से इन दिनों 40 फीसदी लोग डायरिया से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग डायरिया से निपटने के लिए अलर्ट हो गया है।
डायरिया के कारण लगातार शरीर के निर्जलीकरण की संभावना बढ़ जाती है। निर्जलीकरण के प्रारंभिक लक्षण में मुंह, गले और आंखों में सूखापन और चक्कर इत्यादि हैं। लगातार उल्टी दस्त होने की दशा में चिकित्सकीय परामर्श लेने की आवश्यकता है।
बेस अस्पताल के डा. एसडी आर्य ने बताया कि डायरिया या दस्त का तत्काल इलाज नहीं करने पर वह जानलेवा हो सकता है। इसे सिर्फ आहार या दवा द्वारा ठीक किया जा सकता है। डायरिया होने से इसका असर सीधे आपके शरीर के तरल पदार्थ पर पड़ता है, इसलिए अपने शरीर को पानी तथा अन्य तरल पदार्थ की आपूर्ति करते रहें। एंटीबायोटिक खाने की वजह से हुए डायरिया में संभव है कि आंतों में स्थित उपयोगी बैक्टीरिया भी दवाई खाने से नष्ट हो गए हों, इसलिए तुरंत दही खाने पर ये बैक्टीरिया आंतों में पुन: स्थापित होकर डायरिया (दस्त) के प्रवाह को रोकते हैं।
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डायरिया से बचने के उपाय
1. डायरिया से शरीर में निर्जलीकरण की समस्या बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। जहां तक संभव हो, तरह पदार्थों की मात्रा दो से तीन लीटर बढ़ा दें। यदि तरल पदार्थ लेने में दिक्कत हो तो बर्फ का टुकड़ा चूसें।
2. ऐसे पदार्थों का सेवन करने से बचें जो पाचन तंत्र को खराब करते हैं और कब्ज को बढ़ाते हैं।
3. यदि एंटीबायोटिक्स का सेवन करने से डायरिया हुआ है तो ऐसे में दही का सेवन करें।
4. डायरिया होने पर अधिक से अधिक समय आराम करना चाहिए। निर्जलीकरण होने पर चक्कर आ सकते हैं।
5. दस्त-अवरोधी दवा लेने पर डायरिया में जल्द आराम मिलता है, फिर भी इन दवाओं को लेने के पहले विचार कर लेना चाहिए। सामान्य परिस्थिति में आपको एक या दो दिन दवा के बिना ठीक होने का इंतजार करना चाहिए।
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डायरिया के कारण लगातार शरीर के निर्जलीकरण की संभावना बढ़ जाती है। निर्जलीकरण के प्रारंभिक लक्षण में मुंह, गले और आंखों में सूखापन और चक्कर इत्यादि हैं। लगातार उल्टी दस्त होने की दशा में चिकित्सकीय परामर्श लेने की आवश्यकता है।
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बेस अस्पताल के डा. एसडी आर्य ने बताया कि डायरिया या दस्त का तत्काल इलाज नहीं करने पर वह जानलेवा हो सकता है। इसे सिर्फ आहार या दवा द्वारा ठीक किया जा सकता है। डायरिया होने से इसका असर सीधे आपके शरीर के तरल पदार्थ पर पड़ता है, इसलिए अपने शरीर को पानी तथा अन्य तरल पदार्थ की आपूर्ति करते रहें। एंटीबायोटिक खाने की वजह से हुए डायरिया में संभव है कि आंतों में स्थित उपयोगी बैक्टीरिया भी दवाई खाने से नष्ट हो गए हों, इसलिए तुरंत दही खाने पर ये बैक्टीरिया आंतों में पुन: स्थापित होकर डायरिया (दस्त) के प्रवाह को रोकते हैं।
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डायरिया से बचने के उपाय
1. डायरिया से शरीर में निर्जलीकरण की समस्या बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। जहां तक संभव हो, तरह पदार्थों की मात्रा दो से तीन लीटर बढ़ा दें। यदि तरल पदार्थ लेने में दिक्कत हो तो बर्फ का टुकड़ा चूसें।
2. ऐसे पदार्थों का सेवन करने से बचें जो पाचन तंत्र को खराब करते हैं और कब्ज को बढ़ाते हैं।
3. यदि एंटीबायोटिक्स का सेवन करने से डायरिया हुआ है तो ऐसे में दही का सेवन करें।
4. डायरिया होने पर अधिक से अधिक समय आराम करना चाहिए। निर्जलीकरण होने पर चक्कर आ सकते हैं।
5. दस्त-अवरोधी दवा लेने पर डायरिया में जल्द आराम मिलता है, फिर भी इन दवाओं को लेने के पहले विचार कर लेना चाहिए। सामान्य परिस्थिति में आपको एक या दो दिन दवा के बिना ठीक होने का इंतजार करना चाहिए।