{"_id":"5c757832bdec221a37669b12","slug":"131551202354-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सम्मानजनक मानदेय न मिलने से पीटीए शिक्षकों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सम्मानजनक मानदेय न मिलने से पीटीए शिक्षकों में रोष
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। पीटीए शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई गई। इस मौके पर शासन से उन्हें दस हजार रुपये मानदेय देने की मांग की गई।
पीटीए शिक्षक संघ की बैठक परमेश्वरी प्रसाद की अध्यक्षता में हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि जनपद के विभिन्न स्कूलों में 70 पीटीए शिक्षक अल्प वेतनमान में गत कई वर्षों से अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि पीटीए शिक्षक दो हजार से पांच हजार रुपये के अल्प वेतनमान में कार्य रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। पीटीए शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांग पर शासन द्वारा 21 अक्तूबर 2017 को मुख्य शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से फाइलें मांगी गई थीं, लेकिन एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अन्य जनपदों में पीटीए शिक्षकों को 10 हजार रुपये मानदेय देने का अनुमोदन हो चुका है, लेकिन जनपद में पीटीए शिक्षकों के मानदेय का अनुमोदन का कार्य शिथिल पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मामले को संघ कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष उठा चुका है, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संघ उग्र आंदोलन को बाध्य होगा। बैठक में कैलाश चंद्र, सुनील धस्माना, आशीष ध्यानी, विकास पांथरी, नितिन नेगी, ध्यान सिंह, शिशुपाल गुसाईं, रोहिणी व सरोज आर्य आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
पीटीए शिक्षक संघ की बैठक परमेश्वरी प्रसाद की अध्यक्षता में हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि जनपद के विभिन्न स्कूलों में 70 पीटीए शिक्षक अल्प वेतनमान में गत कई वर्षों से अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि पीटीए शिक्षक दो हजार से पांच हजार रुपये के अल्प वेतनमान में कार्य रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। पीटीए शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांग पर शासन द्वारा 21 अक्तूबर 2017 को मुख्य शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से फाइलें मांगी गई थीं, लेकिन एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अन्य जनपदों में पीटीए शिक्षकों को 10 हजार रुपये मानदेय देने का अनुमोदन हो चुका है, लेकिन जनपद में पीटीए शिक्षकों के मानदेय का अनुमोदन का कार्य शिथिल पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मामले को संघ कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष उठा चुका है, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संघ उग्र आंदोलन को बाध्य होगा। बैठक में कैलाश चंद्र, सुनील धस्माना, आशीष ध्यानी, विकास पांथरी, नितिन नेगी, ध्यान सिंह, शिशुपाल गुसाईं, रोहिणी व सरोज आर्य आदि शामिल रहे।
विज्ञापन