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ओजोन परत मानव जीवनदायिकी है, इसकी रक्षा करें
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:04 PM IST
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कोटद्वार। मेहरबान सिंह कंडारी सरस्वती विद्या मंदिर में एनएसएस स्वयंसेवियों ने अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया। इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं ने पौधरोपण किया और पूर्व में लगाए पौधों की निराई-गुड़ाई की। शिक्षकों ने छात्रों से ओजोन के संरक्षण के लिए पौधरोपण करने की अपील की।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य हरिचरण चतुर्वेदी और पुरुषोत्तम सुंद्रियाल ने किया। संगोष्ठी में प्रधानाचार्य ने छात्र-छात्राओं को ओजोन परत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि ओजोन परत सुरक्षित नहीं होगी तो पृथ्वी पर मानव जीवन भी सुरक्षित नहीं होगा। बताया कि ओजोन परत ओजोन अणुओं की एक परत है, यह समताप मंडल में लगभग 30 से 60 किमी. के बीच पाई जाती है। जो सूर्य की पैराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर पृथ्वी पर पहुंचने से रोकती है। उन्होंने कहा कि ओजोन परत मानव जीवनदायिनी है। इसके संरक्षण के लिए पर्यावरण का संतुलित होना आवश्यक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अधिकाधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण करने की अपील की। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी सत्यपाल सिंह व प्रवक्ता मनीष मधवाल आदि मौजूद रहे।
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रविवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य हरिचरण चतुर्वेदी और पुरुषोत्तम सुंद्रियाल ने किया। संगोष्ठी में प्रधानाचार्य ने छात्र-छात्राओं को ओजोन परत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि ओजोन परत सुरक्षित नहीं होगी तो पृथ्वी पर मानव जीवन भी सुरक्षित नहीं होगा। बताया कि ओजोन परत ओजोन अणुओं की एक परत है, यह समताप मंडल में लगभग 30 से 60 किमी. के बीच पाई जाती है। जो सूर्य की पैराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर पृथ्वी पर पहुंचने से रोकती है। उन्होंने कहा कि ओजोन परत मानव जीवनदायिनी है। इसके संरक्षण के लिए पर्यावरण का संतुलित होना आवश्यक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अधिकाधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण करने की अपील की। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी सत्यपाल सिंह व प्रवक्ता मनीष मधवाल आदि मौजूद रहे।
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