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भाबर के गांवों पर जबरन नगर निगम थोपने का प्रयास न करें सरकार
Updated Fri, 30 Mar 2018 10:39 PM IST
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कोटद्वार। नगर निगम विरोध संघर्ष समिति की देवीमंदिर सुखरौ में आयोजित बैठक में भाबर के गांवों पर जबरन नगर निगम थोपने के प्रयासों का विरोध किया गया।
शुक्रवार को हुई बैठक में समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों ने अपनी खुुली बैठकों में नगर निगम में शामिल होने पर विरोध दर्ज कराया है। इसके बावजूद यदि शासन और प्रशासन ने अपनी मनमानी जारी रखी तो वे फिर से कोर्ट की शरण में जाएंगे। कहा कि दो अप्रैल को एक बार फिर भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण कोटद्वार में नगर निगम के विरोध में महारैली निकालेंगे। कपरवाण ने कहा कि कोटद्वार भाबर के सभी 73 गांवों का अलग इतिहास और भूगोल है। सरकार ने विरोध के बावजूद भी यदि गांवों को फिर से नगर निगम में शामिल करने का प्रयास किया गया तो दो अप्रैल के विरोध प्रदर्शन के बाद तीन अप्रैल से अनिश्चितकालीन अनशन आंदोलन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
बैठक में समिति के महासचिव गोविंद डंडरियाल, डबल सिंह रावत, भारत सिंह रावत, बीरेंद्र थलेड़ी, हरीश जखमोला, विजय ध्यानी, चिरंजीलाल घिल्डियाल, पीसी नवानी व आनंद बल्लभ घिल्डियाल आदि मौजूद थे।
ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच ने दिया समर्थन
कोटद्वार। ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच की यहां हुई बैठक में नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के आंदोलन और दो अप्रैल की महारैली को अपना समर्थन देने की घोषणा की गई है। अध्यक्ष प्रवेश चंद्र नवानी ने कहा कि सरकार के 73 गांवों का वजूद खत्म कर उसे नगर निगम में शामिल करने का विरोध किया है। बैठक में विद्या नवानी, राजेंद्र वर्मा, केपी सिंह, हरेंद्र असवाल, केएस चौहान, जगमोहन भारद्वाज, मंजू जखमोला, प्रदीप नेगी, राजाराम अण्थ्वाल, हरीश घिल्डियाल, मदन सिंह नेगी, शिवप्रकाश कुकरेती व डा. रमेश चंद्र नैथानी, राजेंद्र जजेड़ी आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को हुई बैठक में समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों ने अपनी खुुली बैठकों में नगर निगम में शामिल होने पर विरोध दर्ज कराया है। इसके बावजूद यदि शासन और प्रशासन ने अपनी मनमानी जारी रखी तो वे फिर से कोर्ट की शरण में जाएंगे। कहा कि दो अप्रैल को एक बार फिर भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण कोटद्वार में नगर निगम के विरोध में महारैली निकालेंगे। कपरवाण ने कहा कि कोटद्वार भाबर के सभी 73 गांवों का अलग इतिहास और भूगोल है। सरकार ने विरोध के बावजूद भी यदि गांवों को फिर से नगर निगम में शामिल करने का प्रयास किया गया तो दो अप्रैल के विरोध प्रदर्शन के बाद तीन अप्रैल से अनिश्चितकालीन अनशन आंदोलन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
बैठक में समिति के महासचिव गोविंद डंडरियाल, डबल सिंह रावत, भारत सिंह रावत, बीरेंद्र थलेड़ी, हरीश जखमोला, विजय ध्यानी, चिरंजीलाल घिल्डियाल, पीसी नवानी व आनंद बल्लभ घिल्डियाल आदि मौजूद थे।
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ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच ने दिया समर्थन
कोटद्वार। ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच की यहां हुई बैठक में नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के आंदोलन और दो अप्रैल की महारैली को अपना समर्थन देने की घोषणा की गई है। अध्यक्ष प्रवेश चंद्र नवानी ने कहा कि सरकार के 73 गांवों का वजूद खत्म कर उसे नगर निगम में शामिल करने का विरोध किया है। बैठक में विद्या नवानी, राजेंद्र वर्मा, केपी सिंह, हरेंद्र असवाल, केएस चौहान, जगमोहन भारद्वाज, मंजू जखमोला, प्रदीप नेगी, राजाराम अण्थ्वाल, हरीश घिल्डियाल, मदन सिंह नेगी, शिवप्रकाश कुकरेती व डा. रमेश चंद्र नैथानी, राजेंद्र जजेड़ी आदि मौजूद थे।
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