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कोटद्वार भाबर में नौ स्कूलों पर आपदा का कहर, नहीं हट सका मलबा
Updated Wed, 16 Aug 2017 10:39 PM IST
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कोटद्वार। कोटद्वार और भाबर में आपदा आए तेरह दिन बीत चुके हैं, लेकिन रिफ्यूजी कालोनी समेत ग्रामीण क्षेत्र में मलबे में दबे करीब नौ स्कूलों की शासन, प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से सुध नहीं ली गई है। रिफ्यूजी कालोनी के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नजीबाबाद रोड स्थित दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां उनकी पढ़ाई तो दूर बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। हाल यह है कि रिफ्यूूजी कालोनी के प्राथमिक स्कूल नंबर नौ और छह के ताले चार अगस्त से नहीं खुल सके हैं। गत तीन अगस्त की रात आई भीषण बाढ़ की चपेट में आए कोटद्वार के प्राथमिक विद्यालय-नौ और छह की हालत सबसे खराब है। प्रशासन की ओर से विद्यालय के आसपास के इलाके का मलबा हटाकर व्यवस्थाओं को पटरी पर लाया गया है, लेकिन स्कूल का मलबा नहीं हटाया जा सका है। इन दोनों विद्यालयों में शहर के गरीब घरों के करीब 80 से अधिक बच्चे पढ़ाई करते हैं। तेरह दिन बाद भी दोनों विद्यालयों में जमा मलबा नहीं हटाया जा सका है। स्कूल का सारा रिकार्ड खराब हो चुका है, सामान क्षतिग्रस्त हो चुका है। दोनों स्कूलों के बच्चों को पास के एक नंबर स्कूल में शिफ्ट कराया गया है।
उपशिक्षा अधिकारी अभिषेक शुक्ला का कहना है कि कोटद्वार और भाबर में करीब नौ स्कूलों पर आपदा का कहर बरपा है। रिफ्यूजी कालोनी के दोनों स्कूलों को व्यवस्था बनने तक दूसरे स्कूल में संचालित किया जा रहा है। संबंधित स्कूलों के शिक्षक जन सहयोग से मलबा हटाकर व्यवस्थाएं बनाने में जुटे हैं। विभाग के पास मलबा हटाने के लिए अलग से कोई बजट नहीं है।
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उपशिक्षा अधिकारी अभिषेक शुक्ला का कहना है कि कोटद्वार और भाबर में करीब नौ स्कूलों पर आपदा का कहर बरपा है। रिफ्यूजी कालोनी के दोनों स्कूलों को व्यवस्था बनने तक दूसरे स्कूल में संचालित किया जा रहा है। संबंधित स्कूलों के शिक्षक जन सहयोग से मलबा हटाकर व्यवस्थाएं बनाने में जुटे हैं। विभाग के पास मलबा हटाने के लिए अलग से कोई बजट नहीं है।
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