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नौकरी से हटाने पर दिव्यांग ठाकुर सिंह ने की भूख हड़ताल शुरू
Updated Tue, 01 Aug 2017 10:39 PM IST
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कोटद्वार। अमर शहीद स्मृति विकलांग एवं नेत्रहीन संस्थान से जुड़े दिव्यांगों ने अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर तहसील में धरना दिया। सैनिक विश्राम गृह कोटद्वार में काम से निकाले जाने से परेशान दिव्यांग ठाकुर सिंह नेगी ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।
मंगलवार को संस्थान के अध्यक्ष भोपाल सिंह रावत के नेतृत्व में दिव्यांग तहसील पहुंचे। उन्होंने उपजिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर अध्यक्ष भोपाल सिंह ने सरकार पर दिव्यांगों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि दिव्यांग ठाकुर सिंह नेगी को उपनल के माध्यम से कोटद्वार स्थित सैनिक विश्रामगृह में तैनात किया गया था। अचानक उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। इसके कारण दिव्यांग के सामने रोजी रोटी का सवाल पैदा हो गया है।
सरकार द्वारा दिव्यांगों को छह माह का कंप्यूटर प्रशिक्षण करवाया गया था। इसकी रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन आज तक दिव्यांगों को मानदेय उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके कारण दिव्यांग मायूस हैं। यही नहीं निशक्तजनों को जीवनयापन करने के लिए शादियां कराई गई, लेकिन इसके लिए दिव्यांगों को सरकार से मिलने वाली 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद आज तक समाज कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई है। कहा कि समाज कल्याण विभाग की लापरवाही के कारण दिव्यांगों को समय पर पेंशन और उनके बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है।
मंगलवार को संस्थान के अध्यक्ष भोपाल सिंह रावत के नेतृत्व में दिव्यांग तहसील पहुंचे। उन्होंने उपजिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर अध्यक्ष भोपाल सिंह ने सरकार पर दिव्यांगों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि दिव्यांग ठाकुर सिंह नेगी को उपनल के माध्यम से कोटद्वार स्थित सैनिक विश्रामगृह में तैनात किया गया था। अचानक उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। इसके कारण दिव्यांग के सामने रोजी रोटी का सवाल पैदा हो गया है।
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सरकार द्वारा दिव्यांगों को छह माह का कंप्यूटर प्रशिक्षण करवाया गया था। इसकी रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन आज तक दिव्यांगों को मानदेय उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके कारण दिव्यांग मायूस हैं। यही नहीं निशक्तजनों को जीवनयापन करने के लिए शादियां कराई गई, लेकिन इसके लिए दिव्यांगों को सरकार से मिलने वाली 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद आज तक समाज कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई है। कहा कि समाज कल्याण विभाग की लापरवाही के कारण दिव्यांगों को समय पर पेंशन और उनके बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है।
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