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फिर गिरा काशीरामपुर तल्ला में पुस्ते का हिस्सा
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:31 PM IST
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कोटद्वार। ग्राम पंचायत काशीरामपुर तल्ला में पेयजल निगम द्वारा बनाए गए पुस्ते का एक और हिस्सा ढह गया है। घरों के आगे गिर रहे मलबे और पत्थरों के कारण ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण लगातार पुस्ते को तोड़कर दोबारा बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग को ग्रामीणों के सिर के ऊपर मंडरा रहा खतरा नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीण खतरे की जद में रहने को मजबूर हैं।
बुधवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के कारण काशीरामपुर तल्ला में ग्रामीणों के लिए खतरे का सबब बना पुस्ते का एक हिस्सा सुबह आठ बजे भरभरा कर गिर गया। गनीमत यह रही कि बारिश के कारण लोग घरों के अंदर थे। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। पांच माह पूर्व काशीरामपुर तल्ला में निर्माणाधीन ट्यूबवेल को जाने के रास्ते के किनारे पेयजल निगम द्वारा करीब दस लाख रुपये की लागत से चार सौ मीटर क्षेत्र में कुछ मकानों के नजदीक ऊपर की ओर बड़ा पुस्ता रखा गया था, लेकिन गुुणवत्ता में कमी के कारण बीती नौ जुुलाई को वह गिर गया। इसमें मोहल्ले को विद्युत आपूर्ति करने के लिए लगाया गया ट्रांसफार्मर भी धराशायी हो गया था और मकान उसकी चपेट में आने से बच गए थे। पुस्ते के बाकी के शेष हिस्से में दरारें आई हुई हैं, जिससे नीचे बने मकानों को खतरा बना हुआ है।
स्थानीय नागरिक सूरज प्रसाद कांती, सुनील रावत, गीता देवी, बलवीर सिंह नेगी व मकान सिंह ने पेयजल निगम पर उनके जीवन को खतरे में डालने का आरोप लगाया। कहा कि पुस्ता निर्माण के समय ही उनके द्वारा विभागीय ठेकेदार और अधिकारियों का पुस्ता निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिए जाने पर विरोध किया गया था, लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और मिट्टी के कटान को रोकने वाली वर्षों पुरानी सुरक्षा दीवार के ऊपर ही विशालकाय पुस्ता की चिनाई कर डाली। तब से ही निकटवर्ती घरों को खतरा बना हुआ है।
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उधर, पेयजल निगम की सहायक अभियंता सरिता गुप्ता ने बताया कि पुस्ता मानकों के हिसाब से बनाया गया है। ग्रामीणों द्वारा बरसाती पानी की निकासी पुस्ते की ओर किए जाने के कारण वह गिरा है। ठेकेदार को दोबारा से पुस्ता निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।
-फोटो
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बुधवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के कारण काशीरामपुर तल्ला में ग्रामीणों के लिए खतरे का सबब बना पुस्ते का एक हिस्सा सुबह आठ बजे भरभरा कर गिर गया। गनीमत यह रही कि बारिश के कारण लोग घरों के अंदर थे। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। पांच माह पूर्व काशीरामपुर तल्ला में निर्माणाधीन ट्यूबवेल को जाने के रास्ते के किनारे पेयजल निगम द्वारा करीब दस लाख रुपये की लागत से चार सौ मीटर क्षेत्र में कुछ मकानों के नजदीक ऊपर की ओर बड़ा पुस्ता रखा गया था, लेकिन गुुणवत्ता में कमी के कारण बीती नौ जुुलाई को वह गिर गया। इसमें मोहल्ले को विद्युत आपूर्ति करने के लिए लगाया गया ट्रांसफार्मर भी धराशायी हो गया था और मकान उसकी चपेट में आने से बच गए थे। पुस्ते के बाकी के शेष हिस्से में दरारें आई हुई हैं, जिससे नीचे बने मकानों को खतरा बना हुआ है।
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स्थानीय नागरिक सूरज प्रसाद कांती, सुनील रावत, गीता देवी, बलवीर सिंह नेगी व मकान सिंह ने पेयजल निगम पर उनके जीवन को खतरे में डालने का आरोप लगाया। कहा कि पुस्ता निर्माण के समय ही उनके द्वारा विभागीय ठेकेदार और अधिकारियों का पुस्ता निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिए जाने पर विरोध किया गया था, लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और मिट्टी के कटान को रोकने वाली वर्षों पुरानी सुरक्षा दीवार के ऊपर ही विशालकाय पुस्ता की चिनाई कर डाली। तब से ही निकटवर्ती घरों को खतरा बना हुआ है।
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उधर, पेयजल निगम की सहायक अभियंता सरिता गुप्ता ने बताया कि पुस्ता मानकों के हिसाब से बनाया गया है। ग्रामीणों द्वारा बरसाती पानी की निकासी पुस्ते की ओर किए जाने के कारण वह गिरा है। ठेकेदार को दोबारा से पुस्ता निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।
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