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भैरव बाबा के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Updated Sun, 03 Jun 2018 10:24 PM IST
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जयहरीखाल। भैरवगढ़ी मेले के अंतिम दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। मेले में पट्टी लंगूर सहित उदयपुर, डबरालस्यूं, कौड़िया व नयार घाटी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने लाइन में लगकर भैरों बाबा के दर्शन किए और भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर सुख शांति की कामना की। शनिवार को मंदिर में देर रात तक श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और मंडाण-जागर द्वारा देवी-देवताओं का आह्वान किया। इस बार भी मंदिर में बकरों की बली नहीं चढ़ाई गई। लोगों ने श्रीफल चढ़ाकर मन्नत मांगी।
द्वारीखाल विकास खंड में ज्येष्ठ माह के दौरान आयोजित इस मेले में भैरव बाबा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। मंदिर के पुजारी मदनमोहन डोबरियाल और मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह रावत ने शुभ मुहूर्त पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का जलाभिषेक कर श्रीफल, रोेट काटकर भैरव बाबा को भोग लगाया और मेले की शुरुआत की। इस बार भी बकरों की बलि नहीं चढ़ाई गई। इस दौरान भैरवगढ़ी शिखर और उसके आस-पास की दुकानें सजी रहीं। रंग-बिरंगे परिधानों में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भैरव बाबा के दर्शन कर मंदिर में चांदी के छत्र, घंटे और निशान चढ़ाकर मन्नत पूर्ण होने की कामना की। मंदिर में रात भर भजन कीर्तन के अलावा मंडाण और जागर द्वारा सभी देवी देवताओं का आह्वान किया गया। मेले में नवविवाहित जोड़ों की खूब भीड़ रही।
-फोटो
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द्वारीखाल विकास खंड में ज्येष्ठ माह के दौरान आयोजित इस मेले में भैरव बाबा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। मंदिर के पुजारी मदनमोहन डोबरियाल और मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह रावत ने शुभ मुहूर्त पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का जलाभिषेक कर श्रीफल, रोेट काटकर भैरव बाबा को भोग लगाया और मेले की शुरुआत की। इस बार भी बकरों की बलि नहीं चढ़ाई गई। इस दौरान भैरवगढ़ी शिखर और उसके आस-पास की दुकानें सजी रहीं। रंग-बिरंगे परिधानों में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भैरव बाबा के दर्शन कर मंदिर में चांदी के छत्र, घंटे और निशान चढ़ाकर मन्नत पूर्ण होने की कामना की। मंदिर में रात भर भजन कीर्तन के अलावा मंडाण और जागर द्वारा सभी देवी देवताओं का आह्वान किया गया। मेले में नवविवाहित जोड़ों की खूब भीड़ रही।
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