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सेना भर्ती रैली के अंतिम दिन दबोचे यूपी के 101 मुन्ना भाई-compat
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:40 PM IST
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कोटद्वार। यहां सेना भर्ती रैली के आखिरी दिन उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से फर्जी दस्तावेजों के साथ पहुंचे 101 युवकों को सेना के जवानों ने धर दबोचा। सेना ने युवकों मुन्ना के सभी प्रमाणपत्र और दस्तावेज जब्त कर अपने उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश भर्ती जोनल अधिकारियों को भेजकर जांच शुरू कर दी है। नौ दिवसीय भर्ती रैली में सेना ने कुल 135 मुन्ना भाइयों को पकड़ा है। रिकार्ड तोड़ फर्जी दस्तावेजों के बनने और यूपी में बड़ी संख्या में सक्रिय दलालों को लेकर अब आर्मी इंटेलिजेंस भी सतर्क हो गई है।
कौड़िया स्थित गबर सिंह सिंह कैंप में बुधवार तड़के भर्ती शुरू होने के बाद सेना के जवानों ने युवाओं के प्रवेश पत्रों के बार कोड स्कैन करने शुरू कर दिए। सेना के अधिकारी तब हैरान हो गए, जब हर पांचवें से सातवें युवा का बारकोड स्कैन नहीं हुआ और कई के प्रवेश पत्रों में गड़बड़ी होने लगी। उन्होंने फर्जी रूप से भर्ती होने पहुंचे युवकों की धरपकड़ के लिए सेना के अतिरिक्त जवान बुलाए और युवकों को एक स्थान पर बैठाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते 68 मुन्ना भाई पकड़ में आ गए। बड़ी संख्या में मुन्ना भाइयों के पकड़े जाने से आगे की प्रक्रिया में लगे सेना के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया और दौड़ के लिए मैैदान में पहुंच चुके युवकों के प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों की दोबारा से जांच शुरू कर दी गई। जांच में कई युवा फर्जी मूल निवास प्रमाणपत्र के साथ पकड़े गए। इनमें करीब दस युवक तो दौड़ भी पास कर चुके थे, उनके कागजातों में भी आधार कार्ड और प्रधानों के प्रमाणपत्र फर्जी निकले।
लैंसडौन भर्ती बोर्ड के निदेशक कर्नल आरएस चट्ठा ने बताया कि उत्तराखंड में ऊंचाई के मानक कम होने के कारण दलाल युवाओं को गुमराह कर पैसे वसूल रहे हैं। पकड़े गए युवाओं में बुलंदशहर, शामली, अलीगढ़, सहारनपुर, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, मथुरा आदि क्षेत्र के युवा शामिल हैं। उनके कागजातों को जब्त कर भर्ती जोन को भेज दिया गया है।
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कौड़िया स्थित गबर सिंह सिंह कैंप में बुधवार तड़के भर्ती शुरू होने के बाद सेना के जवानों ने युवाओं के प्रवेश पत्रों के बार कोड स्कैन करने शुरू कर दिए। सेना के अधिकारी तब हैरान हो गए, जब हर पांचवें से सातवें युवा का बारकोड स्कैन नहीं हुआ और कई के प्रवेश पत्रों में गड़बड़ी होने लगी। उन्होंने फर्जी रूप से भर्ती होने पहुंचे युवकों की धरपकड़ के लिए सेना के अतिरिक्त जवान बुलाए और युवकों को एक स्थान पर बैठाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते 68 मुन्ना भाई पकड़ में आ गए। बड़ी संख्या में मुन्ना भाइयों के पकड़े जाने से आगे की प्रक्रिया में लगे सेना के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया और दौड़ के लिए मैैदान में पहुंच चुके युवकों के प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों की दोबारा से जांच शुरू कर दी गई। जांच में कई युवा फर्जी मूल निवास प्रमाणपत्र के साथ पकड़े गए। इनमें करीब दस युवक तो दौड़ भी पास कर चुके थे, उनके कागजातों में भी आधार कार्ड और प्रधानों के प्रमाणपत्र फर्जी निकले।
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लैंसडौन भर्ती बोर्ड के निदेशक कर्नल आरएस चट्ठा ने बताया कि उत्तराखंड में ऊंचाई के मानक कम होने के कारण दलाल युवाओं को गुमराह कर पैसे वसूल रहे हैं। पकड़े गए युवाओं में बुलंदशहर, शामली, अलीगढ़, सहारनपुर, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, मथुरा आदि क्षेत्र के युवा शामिल हैं। उनके कागजातों को जब्त कर भर्ती जोन को भेज दिया गया है।
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