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वार्षिक परीक्षा हो गई, अब बच्चे देंगे मासिक टेस्ट
Updated Sat, 24 Feb 2018 10:56 PM IST
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कोटद्वार। प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को छोड़कर सभी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं संपन्न हो गई हैं। अब शिक्षा विभाग को कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चों के टेस्ट कराने की याद आ रही है। ऐसे में यह आदेश न तो शिक्षकों के गले उतर रहा है और न अभिभावकों के। राजकीय शिक्षक संघ ने विभाग के इस आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए इसका विरोध किया है।
जिलामंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षक विषम परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों में रहकर व्यवस्थाओं के अनुरूप ईमानदारी से अपने दायित्वों का निभा रहे हैं। शैक्षणिक व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों के समय-समय पर दिए गए अव्यवहारिक निर्णयों से शिक्षण कार्य में बाधा हो रही है। माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों की गृह वार्षिक परीक्षाएं संपन्न होने के बाद शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं, वहीं विभागीय अधिकारियों द्वारा 26 और 27 फरवरी को कक्षा तीन से कक्षा आठ के बच्चों की मासिक परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि संबंधित छात्रों की परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। ऐसे में टेस्ट का कोई औचित्य नहीं है। वक्ताओं ने अपर शिक्षा निदेशक कार्यालय में लंबित शिक्षकों के चयन और प्रोन्नत प्रकरणों के जल्द आदेश निर्गत कराने की मांग की है।
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जिलामंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षक विषम परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों में रहकर व्यवस्थाओं के अनुरूप ईमानदारी से अपने दायित्वों का निभा रहे हैं। शैक्षणिक व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों के समय-समय पर दिए गए अव्यवहारिक निर्णयों से शिक्षण कार्य में बाधा हो रही है। माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों की गृह वार्षिक परीक्षाएं संपन्न होने के बाद शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं, वहीं विभागीय अधिकारियों द्वारा 26 और 27 फरवरी को कक्षा तीन से कक्षा आठ के बच्चों की मासिक परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि संबंधित छात्रों की परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। ऐसे में टेस्ट का कोई औचित्य नहीं है। वक्ताओं ने अपर शिक्षा निदेशक कार्यालय में लंबित शिक्षकों के चयन और प्रोन्नत प्रकरणों के जल्द आदेश निर्गत कराने की मांग की है।
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