{"_id":"5b77018142c792464c73ceef","slug":"101534525825-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली बरसात में ढही,आठ लाख रुपये की सुरक्षा दीवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहली बरसात में ढही,आठ लाख रुपये की सुरक्षा दीवार
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। हेमवती नंदन बहुगुणा मार्ग स्थित लोनिवि की आवासीय कालोनी में दो माह पूर्व आठ लाख रुपये की लागत से बनी सुरक्षा दीवार पहली बरसात भी नहीं झेल पाई है। बारिश से लोनिवि की दीवार ढह गई है। इससे आवासीय कालोनी, डीसीडीएफ और पोस्ट ऑफिस परिसर के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।
बद्रीनाथ मार्ग पर डीसीडीएफ की बिल्डिंग से सटे लोक निर्माण विभाग के आवासीय परिसर में भूस्खलन रोकने और कालोनी की सुरक्षा के लिए गत दो माह पूर्व आठ लाख रुपये की धनराशि से सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था। गत दस अगस्त से तीन दिन तक हुई मूसलाधार बारिश से यह सुरक्षा दीवार ढह गई। सुरक्षा दीवार ढहने से जहां डीसीडीएफ के भवन को खतरा उत्पन्न हो गया है, वहीं मुख्य डाकघर की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। स्थानीय निवासी देवेंद्र सिंह, सूरज कुमार व सज्जन कुमार का कहना है कि क्षतिग्रस्त दीवार से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में यदि गुणवत्ता के मानकों का ध्यान रखा गया होता तो दीवार भरभराकर न गिरी होती।
उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता सुदेश बिंजोला ने बताया कि क्षेत्र में लगातार तीन दिन तक हुई मूसलाधार बारिश के दौरान रविवार को सुरक्षा दीवार ढहने की सूचना मिली है। सुरक्षा दीवार में बीम होल छोड़े गए थे। ठेकेदार को सुरक्षा दीवार की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
-फोटो
विज्ञापन
बद्रीनाथ मार्ग पर डीसीडीएफ की बिल्डिंग से सटे लोक निर्माण विभाग के आवासीय परिसर में भूस्खलन रोकने और कालोनी की सुरक्षा के लिए गत दो माह पूर्व आठ लाख रुपये की धनराशि से सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था। गत दस अगस्त से तीन दिन तक हुई मूसलाधार बारिश से यह सुरक्षा दीवार ढह गई। सुरक्षा दीवार ढहने से जहां डीसीडीएफ के भवन को खतरा उत्पन्न हो गया है, वहीं मुख्य डाकघर की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। स्थानीय निवासी देवेंद्र सिंह, सूरज कुमार व सज्जन कुमार का कहना है कि क्षतिग्रस्त दीवार से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में यदि गुणवत्ता के मानकों का ध्यान रखा गया होता तो दीवार भरभराकर न गिरी होती।
विज्ञापन
उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता सुदेश बिंजोला ने बताया कि क्षेत्र में लगातार तीन दिन तक हुई मूसलाधार बारिश के दौरान रविवार को सुरक्षा दीवार ढहने की सूचना मिली है। सुरक्षा दीवार में बीम होल छोड़े गए थे। ठेकेदार को सुरक्षा दीवार की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
-फोटो