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सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों पर भड़के ऊर्जा निगम के इंजीनियर
Updated Thu, 05 Oct 2017 10:51 PM IST
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कोटद्वार। उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन की खंड इकाई की बैठक में सातवें वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने की मांग की गई। संगठन ने ईपीएफ व्यवस्था को जीपीएफ में बदलने में रही देरी पर नाराजगी जताई। संगठन की ओर से सरकार और विभागीय उच्चाधिकारियों को समस्याओं का निस्तारण न होने पर आंदोलन की चेतावनी गई गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए राकेश कुमार ने कहा कि कई बार की मांग और ज्ञापन दिए जाने के बाद भी ऊर्जा निगम के जूनियर इंजीनियरों की अनदेखी की जा रही है। कहा कि छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को सातवें वेतन आयोग में समाप्त किया जाना चाहिए था लेकिन विसंगति बनी हुई है। वक्ताओं ने अवर अभियंता पद से सहायक अभियंता पद पर विभागीय प्रोन्नति का कोटा 48.33 प्रतिशत से बढ़ाकर 58.33 फीसदी करने की मांग की। बैठक में प्रशांत जुयाल, कमल सिंह, रवि अरोड़ा, कमल सिंह रावत, जगवीर सिंह चौहान, नवीन मैंदोला, जितेंद्र बिष्ट और अनुराग नेगी मौजूद थे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए राकेश कुमार ने कहा कि कई बार की मांग और ज्ञापन दिए जाने के बाद भी ऊर्जा निगम के जूनियर इंजीनियरों की अनदेखी की जा रही है। कहा कि छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को सातवें वेतन आयोग में समाप्त किया जाना चाहिए था लेकिन विसंगति बनी हुई है। वक्ताओं ने अवर अभियंता पद से सहायक अभियंता पद पर विभागीय प्रोन्नति का कोटा 48.33 प्रतिशत से बढ़ाकर 58.33 फीसदी करने की मांग की। बैठक में प्रशांत जुयाल, कमल सिंह, रवि अरोड़ा, कमल सिंह रावत, जगवीर सिंह चौहान, नवीन मैंदोला, जितेंद्र बिष्ट और अनुराग नेगी मौजूद थे।
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