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...ब्लू प्रिंट में कैद 'केदारनाथ'
अमर उजाला, प्रवेश कुमारी, देहरादून
Updated Wed, 11 Sep 2013 01:22 AM IST
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केदारनाथ मंदिर के पुनरुद्धार का ब्लू प्रिंट तैयार हो गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने दो फेज की कार्य योजना तैयार कर ली है।
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पहले फेज में केमिकल प्रिजरवेशन का काम होगा। जिसमें मंदिर के भीतर पूजा की वजह से उठने वाले धुएं, घी के लेपन आदि से हुए निशान हटाए जाएंगे।
अभिलेखों का होगा संरक्षण
इसके अलावा यहां के खंभों पर चित्रित अभिलेखों की छाप ली जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि यह कौन से काल के हैं। इसके बाद इनका संरक्षण किया जाएगा।
केमिकल प्रिजरवेशन के काम में विशेषज्ञता को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की वैज्ञानिक शाखा की टीम इसमें हिस्सेदारी करेगी।
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दो फेज में निपटेगा कार्य
दूसरे फेज में केदारनाथ मंदिर के आस-पास बने पानी के चैनल्स को खोला जाएगा। देखा जाएगा कि कहीं कोई नाली चोक न रहे। यह बाद में परेशानी खड़ी कर सकती है।
दो फेज के कार्य के पश्चात आगे का काम भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण (जीएसआई) की रिपोर्ट आने के बाद होगा। एएसआई के विशेषज्ञ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं।
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लोगों की गैर-मौजूदगी से होगी आसानी
उनके मुताबिक मंदिर परिसर के पुनरद्धार के लिए इससे बेहतर समय नहीं है। अक्तूबर में मौसम परेशानी खड़ी कर सकता है।
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इसी सितंबर माह में पूजा के बाद भी किसी के वहां तक जाने की उम्मीद नहीं। लोगों की गैर-मौजूदगी की वजह से टीमें अपने कार्य को बेहतरीन तरीके से अंजाम दे सकेंगी।
इसी माह शुरू हो जाएगा काम
मंदिर के पुनरुद्धार के संबंध में मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल से भी बात हुई है। सोमवार को उनके साथ बैठक थी। उनकी तरफ से मंदिर से जुड़े पुनरुद्धार के प्रत्येक कार्य के लिए सहयोग की बात कही गई है। काम इसी माह शुरू हो जाएगा।
- अतुल भार्गव, अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (दून सर्किल)