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केदारनाथ धाम में गूंज उठा 'ओम नम: शिवाय'

Mon, 09 Sep 2013 08:18 AM IST
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Mon, 09 Sep 2013 08:18 AM IST
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Kedarnath resonant arose from the om namah shivaya

रविवार को भगवान आशुतोष का धाम केदारनाथ ओम नम: शिवाय से गूंज उठा। मंदिर के चारों ओर लगे लाउडस्पीकरों से भजन गूंज रहे हैं। 11 सितंबर को बाबा केदार की पूजा के लिए तैयारियां जोरों पर हैं।

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मंदिर परिसर के चारों तरफ साफ-सफाई कर दी गई है। पंडाल को भव्य रुप से सजाया गया है। धाम की विशेष साज सज्जा के लिए चार कुंतल फूल सोमवार (आज) को पहुंच जाएंगे।
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मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि मुख्य पुजारी बागेश लिंग भी केदारनाथ पहुंच गए हैं। समिति के 18 लोग तैयारियों में जुटे हुए हैं।

23 किमी पैदल चलकर डीएम पहुंचे केदारनाथ
डीएम दिलीप जावलकर अधिकारियों के साथ पैदल ही केदारनाथ पहुंचे। रविवार सुबह पांच बजे वे गुप्तकाशी से रवाना हुए। सोनप्रयाग से 23 किमी पैदल रास्ता 10 घंटे में तय कर वे अधिकारियों के साथ केदारनाथ धाम पहुंचे।

इस दौरान उन्होंने पैदल मार्ग का जगह-जगह निरीक्षण भी किया। देर शाम तक डीएम दुबारा पूजा शुरू कराने के बाबत धाम में अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।

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अब भी धोखा दे रहा है मौसम
केदारघाटी में मौसम अब भी धोखा दे रहा है। रविवार को केदारनाथ के लिए एमआई-17 हेलीकॉप्टर दो ही उडान भर पाया। पहली उडान से लौटते समय मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद फाटा में इमरजेंसी लैंडिंग की गई।

पुन: 15 मिनट बाद यह चारधाम हेलीपैड पहुंचा। यहां से फिर दुबारा उड़ान भरी। दूसरी तरफ सिविलियन हेलीकाप्टर ने 16 उडानें भरी, जिसमें 26 लोग केदारनाथ पहुंचाए गए। इस दौरान हेलीकाप्टरों से निर्माण सामग्री भी केदारनाथ पहुंचाई गई।

धाम में तैयारियां जोरों पर
केदारनाथ धाम में 11 सितंबर को होने वाली पूजा को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। यहां अभी तक सात टेंट लगा दिए गए हैं। जबकि पचास टेंट और भेजे जा रहे हैं।

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धाम में एनआईएम के टेंट भी लगाए जा रहे हैं। पांच फ्रेब्रिकेटेड हट का भी निर्माण हो चुका है। यहां काम कर रहे लोगों और अन्य पहुंचने वालों के लिए कंबल और स्लीपिंग बैग भी भेजे गए हैं।

डाक्टर टीम सहित पहुंचे
रविवार को एक चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम भी केदारनाथ धाम पहुंच गई है। केदारनाथ धाम जाने वालों का गुप्तकाशी और अन्य आगे के स्थानों पर मेडिकल चेकअप भी किया जाएगा।


गूंजी मोबाइल की घंटी भी
केदारघाटी में मोबाइल की घंटी गूंज ही गई। बीएसएनएल के इंजीनियरों की टीम सेवा को दुरुस्त करने के काम में जुटी हुई थी। रविवार शाम साढ़े चार बजे मोबाइल सेवा बहाल हो गई।

केदारनाथ में बीती 16-17 जून को आई आपदा में धाम परिसर में लगे बीएसएनएल टावर के सभी पानी उपकरण बह जाने सेवा ठप हो गई थी।

सेटेलाइट फोन के जरिये ही वार्तालाप संभव हो पा रहा था। बीएसएनएल महाप्रबंधक (श्रीनगर) एमपी गुप्ता के अनुसार इस कार्य को टेक्निकल इंजीनियरों समेत कुल आठ लोगों की टीम ने अंजाम दिया। उनके मुताबिक इससे आपदा प्रबंधन और पुनरुद्धार के कार्य में भी तेजी आएगी।

19 और शवों का अंतिम संस्कार
गरुड़चट्टी से गौरीकुंड के शवों की खोज के लिए चलाए जा रहे अभियान के पांचवें दिन शनिवार को 19 शव बरामद हुए। सभी शवों का मौके पर ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

अभियान का नेतृत्व कर रहे डीआईजी जीएस मर्तोलिया के बताया कि गरुड़चट्टी और गोमकारा के बीच ये शव मिले हैं। पांच दिन के इस अभियान में अब तक कुल 185 शव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि शव तलाशी अभियान का यह दूसरा चरण था, जो अब पूरा हो चुका है।

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