BJP के सरकार बनाने के संकेत के बाद कांग्रेस में 'खलबली'
- रावत ने किया राष्ट्रपति शासन हटने पर उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह
- इंदिरा हृदयेश सहित पांच पूर्व मंत्रियों ने किए हस्ताक्षर
- पत्र में दिया है एसआर बोम्मई मामले का हवाला दिया
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भाजपा की ओर से सरकार बनाने के संकेत के बीच बुधवार को कांग्रेस भी पूरी तरह से सक्रिय हो गई। देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से राज्यपाल को पत्र सौंपकर राष्ट्रपति शासन के हटने की सूरत में सबसे पहले उन्हें ही सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया गया।
इस पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के अलावा पूर्व संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश, पूर्व मंत्री प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल और ममता राकेश के हस्ताक्षर हैं। हरीश रावत की ओर से सौंपे गए इस पत्र में कांग्रेस ने प्रदेश में सबसे बड़ा दल होने का दावा किया है।
कहा गया कि राज्यपाल के निर्देश के बावजूद उस समय सरकार को सदन में बहुमत साबित करने का मौका नहीं दिया गया और 28 को सदन में बहुमत साबित करने से पहले ही प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।
बर्खास्त मुखिया को पहले सरकार बनाने के लिए किया जाए आमंत्रित
हरीश रावत ने इस पत्र में कहा है कि एसआर बोम्मई वाले मामले में भी सर्वोच्च न्यायालय ने यह साफ कर दिया था कि राष्ट्रपति शासन के हटने की सूरत में बर्खास्त की गई सरकार के मुखिया को ही सरकार बनाने के लिए सबसे पहले आमंत्रित किया जाए। पत्र में 18 मार्च से लेकर राष्ट्रपति शासन लगने तक की तमाम घटनाओं का जिक्र किया गया है।
देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का यह पत्र पूर्व मंत्री प्रीतम सिंह और पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवालने राजभवन में पहुंचकर रिसीव कराया।
इस पत्र को राजभवन पहुंचाये जाने से यह भी जाहिर हो रहा है कि कांग्रेस को इस बात की आशंका है कि भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है।
बीते दिन ही पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने इस बात की संभावना का संकेत दे दिया था कि प्रदेश में भाजपा सरकार बना सकती है। इस पत्र में भगत सिंह कोश्यारी के बयानों का भी हवाला दिया गया है।