फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Worshiping Lord Govardhanhari by offering fifty-six sacrifices

भगवान गोवर्धनधारी को छप्पन भोग लगाकर की पूजा अर्चना

Tue, 29 Oct 2019 12:06 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 29 Oct 2019 12:06 AM IST
विज्ञापन
Worshiping Lord Govardhanhari by offering fifty-six sacrifices
भूपतवाला स्थित श्री राम मंदिर में भगवान लगाए गए छप्पन भोग । - फोटो : HARIDWAR
श्रीगुरुकृपा कुटीर की परमाध्यक्ष संत रमादेवी माता के सानिध्य में अन्नकूट गोवर्धन पूजा पर भगवान गोवर्धनधारी को छप्पन भोग लगाकर संपूर्ण राष्ट्र में सुख एवं समृद्धिशाली समाज निर्माण की कामना की गई। बृजमंडल एवं द्वारिका पुरी की संस्कृति के संरक्षण के लिए वृहद स्तर पर भजन कीर्तन, पूजा आरती का आयोजन किया गया।
विज्ञापन

दिल्ली, यूपी तथा गुजरात से पहुंचे सैकड़ों भक्तों को भगवान द्वारकाधीश के जीवन चरित्र एवं समाज निर्माण की लीलाओं का वर्णन करते हुए श्रीगुरुकृपा कुटीर की परमाध्यक्ष संत रमादेवी माता ने कहा कि भगवान के छप्पन भोग का प्रसाद भक्तों के अंत: करण को पवित्र कर समस्त विकार एवं विकृतियों का शमन कर देता है। इससे व्यक्ति के जीवन में सरलता, सहजता एवं सहृदयता का समावेश हो जाता है। श्रीगुरुकृपा कुटीर में विगत 42 वर्षों से आयोजित हो रहे अन्नकूट गोवर्धन महोत्सव की विशिष्टताओं का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने पतित पावनी मां गंगा के तट से यह सेवा उस समय प्रारंभ की थी जब इस आनंद वन क्षेत्र में ऋषि परंपरा का संवर्द्धन प्रारंभ हो चुका था। आश्रम की व्यवस्थापक साध्वी भक्ती देवी ने भगवान गोवर्धन की आरती उतार कर संपूर्ण राष्ट्र एवं विश्व कल्याण की कामना करते हुए कहा कि तीर्थस्थल का यह आनंद वन क्षेत्र गंगातट पर सैकड़ों वर्षों से ऋषि मुनियों की तप स्थली रहा है।
विज्ञापन

यही वह स्थान है जहां पर ऋषि कुमारों ने भागवत कथा का प्रादुर्भाव किया था। संत रमादेवी एवं साध्वी भक्ती देवी ने पूज्य गुरुओं की संयुक्त रूप से आरती उतार कर सभी भक्तों तथा अनुयायियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की इससे पूर्व संत रमादेवी माता ने शंखनाद के माध्यम से भगवान एवं गुरुओं का आह्वान कर छप्पन भोग का रसास्वादन कराया। इस अवसर पर दिल्ली तथा गुजरात से पधारे हरीश कुमार, अंजनी बेन, प्रवीन भाई, भगीरथ भाई, कोमुदी बेन, कावेरी बेन तथा सविता बेन इत्यादि ने अमृत तुल्य पवित्र गंगाजल से निर्मित छप्पन भोग तैयार करवा कर भगवान को समर्पित किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed