{"_id":"6516cd06950668ca7b056234","slug":"woman-arrested-with-fake-currency-gets-three-years-rigorous-imprisonment-haridwar-news-c-35-1-hrd1002-8665-2023-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: नकली नोट के साथ गिरफ्तार महिला को तीन वर्ष की कठोर कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: नकली नोट के साथ गिरफ्तार महिला को तीन वर्ष की कठोर कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- अपर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने महिला के दोषी पाए जाने पर सुनाई सजा
- 10 हजार रुपये जुर्माना की राशि अदा न करने पर भुगतना होगा अतिरिक्त कारावास
माई सिटी रिपोर्टर
रोशनाबाद। नकली नोट के साथ पकड़ी गई महिला को तृतीय अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश अनिरुद्ध भट्ट ने दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह चौहान ने बताया कि 29 दिसंबर 2011 को कोतवाली रानीपुर क्षेत्र में एक महिला को नकली नोट के साथ पकड़ा गया था।
मामले में वादी भूप सिंह ने बताया था कि वह भेल सेक्टर चार में कपड़े की दुकान लगाते हैं। घटना की शाम साढ़े छह बजे एक महिला सामान लेने आई, जिसने उन्हें एक हजार रुपये का नोट दिया। उन्होंने सामान के 45 रुपये काटकर शेष 955 रुपये महिला को लौटा दिए थे। वादी ने बारीकी से जांच की तो पता चला कि उक्त एक हजार रुपये की नोट नकली था। आसपास तलाशने पर आरोपी महिला दूसरी दुकान पर सामान खरीदती मिल गई।
दुकानदार भूप सिंह का आरोप था कि उन्होंने पूछताछ की तो महिला पति कृष्ण पटेल के साथ नकली नोट चलाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चार नोट एक हजार रुपये व दो नोट नकली पांच सौ रुपये बरामद भी किए। पुलिस ने तहरीर और महिला के पास से बरामद नकली नोट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में आरोपी आशा देवी व उसके पति कृष्ण पटेल निवासी ग्राम निन्हावालिया थाना मुफलिस जिला बेतिया बिहार को पुलिस ने जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने साक्ष्य में आठ गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आशा देवी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। वहीं न्यायालय ने आशा देवी के पति कृष्ण पटेल को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- 10 हजार रुपये जुर्माना की राशि अदा न करने पर भुगतना होगा अतिरिक्त कारावास
माई सिटी रिपोर्टर
रोशनाबाद। नकली नोट के साथ पकड़ी गई महिला को तृतीय अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश अनिरुद्ध भट्ट ने दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह चौहान ने बताया कि 29 दिसंबर 2011 को कोतवाली रानीपुर क्षेत्र में एक महिला को नकली नोट के साथ पकड़ा गया था।
मामले में वादी भूप सिंह ने बताया था कि वह भेल सेक्टर चार में कपड़े की दुकान लगाते हैं। घटना की शाम साढ़े छह बजे एक महिला सामान लेने आई, जिसने उन्हें एक हजार रुपये का नोट दिया। उन्होंने सामान के 45 रुपये काटकर शेष 955 रुपये महिला को लौटा दिए थे। वादी ने बारीकी से जांच की तो पता चला कि उक्त एक हजार रुपये की नोट नकली था। आसपास तलाशने पर आरोपी महिला दूसरी दुकान पर सामान खरीदती मिल गई।
विज्ञापन
दुकानदार भूप सिंह का आरोप था कि उन्होंने पूछताछ की तो महिला पति कृष्ण पटेल के साथ नकली नोट चलाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चार नोट एक हजार रुपये व दो नोट नकली पांच सौ रुपये बरामद भी किए। पुलिस ने तहरीर और महिला के पास से बरामद नकली नोट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में आरोपी आशा देवी व उसके पति कृष्ण पटेल निवासी ग्राम निन्हावालिया थाना मुफलिस जिला बेतिया बिहार को पुलिस ने जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने साक्ष्य में आठ गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आशा देवी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। वहीं न्यायालय ने आशा देवी के पति कृष्ण पटेल को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
विज्ञापन