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पुण्य की डुबकी लगाकर गंदगी फैला गए श्रद्धालु

Mon, 16 May 2022 08:21 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 08:21 PM IST
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Washing your sins in the Ganges, left the dirty ghats
बुद्ध पूर्णिमा स्नान के बाद हरिद्वार में चारों तरफ गंदगी का आलम है। लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा में स्नान कर पुण्य तो कमा लिया लेकिन घाटों को गंदगी से पाट गए। वहीं सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के नगर निगम के दावे हवाई साबित हुए। सोमवार को गंगा घाटों से लेकर बाजारों तक जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए। कूड़ा उठाना तो दूर डस्टबिन तक खाली नहीं हुए। भीषण गर्मी में कूड़े की दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया।
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हरिद्वार में कूड़ा सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। खासकर वीकेंड और स्नान पर्व के बाद स्थिति बदतर हो जाती है। नगर निगम प्रशासन ने वीकेंड और बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन दावे धरे रह गए। हरकी पैड़ी से लेकर हर जगह घाटों पर कूड़े के ढेर नजर आए। श्रद्धालुओं ने घाटों पर प्लास्टिक की चटाई, पानी की खोली बोतलें और डिस्पोजल जहां-तहां छोड़ दिए। जगह-जगह लगे डस्टबिन से भर चुके हैं। बाकी कसर आवारा मवेशियों ने पूरी कर दी।
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नगर निगम क्षेत्र में वीकेंड पर प्रतिदिन औसतन 180 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है, जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 140 मीट्रिक टन रहता है। हरकी पैड़ी समेत अन्य घाटों और बाजारों से नियमित कूड़ा उठाने के दावे वीकेंड पर हवाई साबित हुए। बुद्ध पूर्णिमा स्नान के बाद हर जगह गंदगी दिखी। हरकी पैड़ी के पास सड़क किनारे, सीसीआर के समीप और अपर रोड, मोती बाजार, रामघाट, विष्णु घाट सहित कई स्थानों पर गंदगी से पसरी रही। रोड़ी बेलवाला में खाली जगहों पर कूड़े के ढेर लगने से बुरा हाल रहा।
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लावारिस जानवर बन रहे मुसीबत
वीकेंड और स्नान पर्व पर लावारिस जानवर भी बड़ी समस्या बन जाते हैं। तीन दिन से धर्मनगरी में भारी भीड़ रही है। जगह-जगह बाजार और गंगा घाटों के आसपास आवारा पशु घूमते नजर आए। भीड़ के बीच पशुओं के घूमने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। नगर निगम आवारा पशुओं को पकड़ने की कोई योजना नहीं बना सका। निगम ने कांजी हाउस तो बनाया है, लेकिन यह शुरू नहीं हो पाया है।
लावारिस कुत्तों ने कई लोगों को काटा
धर्मनगरी में लावारिस कुत्तों का आतंक है। हरिद्वार में औसतन रोजाना 100 से अधिक लोग कुत्तों का निशाना बनते हैं। वीकेंड पर भी कई लोगों को कुत्तों ने काटा। किसी ने जिला अस्पताल तो किसी ने निजी अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया।

बाजार और घाटों पर सफाई और कूड़ा उठाने के लिए 10 टीमें लगाई गई हैं। सुबह भीड़ के कारण कूड़ा वाहनों का पहुंचना मुश्किल हो रहा था। इस वजह से थोड़ी समस्या हुई। शाम तक सभी स्थानों पर सफाई करवा दी गई। -दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त हरिद्वार।
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