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Gyanvapi Case: उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद अध्यक्ष बोले- शब्द से ही पता चलता है ज्ञानवापी हिंदुओं का स्थान
Fri, 27 May 2022 08:48 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 27 May 2022 08:48 PM IST
सार
पंडित सुनील भराला ने कहा कि काशी विश्वनाथ के पास किसी भी प्रकार की मस्जिद होने का सवाल ही नहीं है। यह बात और है कि मुगलों के काल में हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को तोड़कर मस्जिदों का निर्माण किया गया था।
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स्वामी आनंद स्वरूप से मुलाकात करते पंडित सुनील भराला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष (दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री) पंडित सुनील भराला ने कहा कि काशी विश्वनाथ में मस्जिद होने का सवाल ही नहीं है। ज्ञानवापी शब्द से ही पता चलता है कि वह हिंदुओं का स्थान है। उन्होंने कहा कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए।
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उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद अध्यक्ष बृहस्पतिवार की रात भूपतवाला स्थित शांभवी आश्रम पहुंचे। उन्होंने शांभवी पीठाधीश्वर एवं शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया।
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उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी का मामला कोर्ट में है। कोर्ट का आदेश स्वीकार होगा। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ के पास किसी भी प्रकार की मस्जिद होने का सवाल ही नहीं है। यह बात और है कि मुगलों के काल में हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को तोड़कर मस्जिदों का निर्माण किया गया था। ज्ञानवापी पर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अपनी पार्टी और परिवार संभालें।
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