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नगर निगम की बोर्ड बैठक शुरू होने से पहले हंगामा, स्थगित

Tue, 26 Apr 2022 08:54 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2022 08:54 PM IST
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Uproar before the start of the municipal board meeting, postponed
बोर्ड बैठक के दौरान धरना देते पार्षद । - फोटो : HARIDWAR
मंगलवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक शुरू होने से पहले ही हंगामा हो गया। एजेंडे में विकास के प्रस्ताव शामिल नहीं करने पर पार्षद भड़क गए और बैठक का विरोध शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि एजेंडे में कुंभ के 17 करोड़ के कार्य भी शामिल कर दिए गए हैं। इसकी जानकारी भी पार्षदों को नहीं दी गई। केवल बजट पास करने के लिए बैठक नहीं होने दी जाएगी। करीब आधे घंटे तक हंगामा होने के बाद बोर्ड बैठक को स्थगित करना पड़ा। अब 30 अप्रैल को कार्यकारिणी और पांच मई को बोर्ड की बैठक होगी।
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मंगलवार को नगर निगम की टाउन हॉल में बैठक शुरू होने से पहले ही पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। बोर्ड बैठक बुलाने से पूर्व कार्यकारिणी की बैठक न करने पर नाराजगी जताई। भाजपा पार्षद दल के नेता सुनील अग्रवाल ने कहा कि केवल बजट पास करने के लिए पार्षदों को बैठक में बुला लिया गया। जबकि उनके विकास से जुड़े कोई भी प्रस्ताव एजेंडे में शामिल नहीं किए गए। भाजपा पार्षद दल ने मेयर और अधिकारियों के गठजोड़ को बेनकाब कर दिया है। अनिरुद्ध भाटी ने कहा कि बोर्ड बैठक के एजेंडे में कुंभ के 17 करोड़ के कार्य शामिल कर दिए गए। आरोप लगाया कि बिना बोर्ड बैठक में लाए बिना कई कार्य मनमाने ढंग से करने के बाद उनका बजट भी बैठक में पास करने की तैयारी थी। इसलिए बैठक का विरोध किया गया।
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भाजपा पार्षद राधे मोहन शर्मा, सुनील पांडेय, सपना शर्मा, नितिन शर्मा और कांग्रेस के उदयवीर सिंह चौहान सहित कई पार्षद विरोध में उतर आए। राधे मोहन शर्मा, सुनील पांडेय ने कहा कि विकास कार्य सबसे पहले एजेंडे में शामिल किए जाने चाहिए। इसके बाद ही बजट पास होना चाहिए। लेकिन, इसका उलट किया जा रहा है। नगर आयुक्त की ओर से पूर्व में कराए गए कार्यों के प्रस्ताव बजट बैठक में लाया जाना उचित नहीं है। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद मेयर अनीता शर्मा ने बोर्ड बैठक को स्थगित कर दिया।
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बिना बोर्ड में लाए बनवा दिए कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन
भाजपा पार्षद अन्नू मेहता ने कहा कि मनमाने ढंग से कार्य कराए जा रहे हैं। कार्य करने के बाद इन्हें बोर्ड में पास कराने के लिए लाया जा रहा है। अस्थायी कूड़ाघर 85 लाख की लागत से बिना बोर्ड में पास कराए बनवा दिए गए। अब इसे प्रस्ताव में शामिल कर दिया। इस कार्य को बजट बैठक में लाने का कोई औचित्य ही नहीं है। क्योंकि पहले ही काम बिना बोर्ड के करा दिए गए। पार्षद उदयवीर सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि बजट बैठक में अन्य प्रस्ताव नहीं लाए जाने चाहिए। कुछ प्रस्ताव केवल पार्षदों से पास कराने के उद्देश्य से लाए गए हैं। जबकि ये कार्य पूर्व में ही हो चुके हैं।
मेयर की फोटो न लगाने पर किया हंगामा
कांग्रेसी पार्षद उदयवीर सिंह चौहान, राजीव भार्गव सहित कई पार्षदों ने स्वच्छता सर्वेक्षण के बैनरों में मेयर की फोटो न लगाने पर रोष जताते हुए बैठक में हंगामा किया। अधिकारियों पर अनदेखी करने के आरोप लगाए।
कर्मचारियों के हित में बजट होना चाहिए था पास
कांग्रेसी पार्षद अनुज सिंह ने कहा कि निगम के कर्मचारियों के हित में बजट पास किया जाना चाहिए। बजट पास न होने से कर्मचारियों को अप्रैल का वेतन नहीं मिल सकेगा। सभी धर्मों के कर्मचारी निगम में कार्यरत हैं। अब ईद का त्योहार भी है। ऐसे में वेतन न मिलने से त्योहार पर परेशानी खड़ी होगी।
प्रस्तावों को रद्द करने के लिए 33 पार्षदों ने दिया पत्र
भाजपा और कांग्रेस के 33 पार्षदों ने बोर्ड बैठक एजेंडे में शामिल किए गए सभी प्रस्तावों को रद्द करने के लिए नगर आयुक्त को पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि तीन अस्थायी कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल गया है। जबकि ये कार्य बोर्ड की सहमति के बिना ही अधिकारों से बाहर जाकर करा दिया गया। इसकी अनुमति बोर्ड से ली जानी चाहिए थी।
कैंटीन निर्माण और संचालन का विरोध
नगर निगम परिसर में कैंटीन का निर्माण और संचालन पीपीपी मोड पर देने के प्रस्ताव को एजेंडे में शामिल करने पर पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई। बबीता वशिष्ठ, अन्नू मेहता, एकता गुप्ता, इसरार अहमद, अनिल मिश्रा ने कहा कि पूर्व में ही जिन भूमि की लीज व अनुबंध समाप्त हो गए उन्हें आज तक नगर निगम अपने स्वामित्व में नहीं ले पाया है। इसलिए कैंटीन और पार्किंग का निर्माण करना है तो उसका स्वामित्व निगम को ही करना होगा।
विकास कार्यों से संबंधित पत्रावली मेरे पास नहीं लाई जाती है। केवल इतना कह दिया जाता है कि ये कार्य कराया जा रहा है। अधिकारी अनदेखी करते हुए मनमर्जी से कार्य कर रहे हैं। बैठक में बजट पास होना था। लेकिन पार्षदों की नाराजगी के बाद बैठक स्थगित करनी पड़ी।

- अनीता शर्मा, मेयर
बोर्ड बैठक एजेंडे में पार्षदों के प्रस्ताव शामिल नहीं हुए। पार्षदों की इस पर नाराजगी थी। इसलिए बैठक को स्थगित कर दिया गया। अब 30 अप्रैल को कार्यकारिणी और पांच मई को बोर्ड की बैठक बुलाई गई है।
- दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त
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