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कौव्वे को इलाज के लिए दिल्ली तक ले गया राजदान परिवार
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
Updated Sat, 27 Jun 2015 01:15 AM IST
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किसी मनुष्य के घायल होने पर उसे हायर सेंटर लेकर जाने की बात तो आपने सुनी होगी लेकिन एक घायल पक्षी के इलाज के लिए देहरादून से दिल्ली तक की दौड़ लगाने वाले विरले ही होते हैं। देहरादून की राजपुर रोड पर रहने वाला राजदान परिवार ऐसा ही है, जो एक कौव्वे को इलाज के लिए दिल्ली तक लेकर गया।
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अमर उजाला की ओर से शुरु की गई गौरैया संरक्षण की मुहिम से जुड़ी राजपुर रोड देहरादून की रहने वाली विद्या राजदान ने बताया कि उनका पूरा परिवार पक्षियों से प्रेम करता है। उनके घर पर हर रोज अनेक पक्षी आते हैं और उनका बेटा पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करता है।
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उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उनके घर पर एक घायल कौव्वा आया। उसका एक पैर पूरी तरह से जख्मी था। उनके बेटे ने उस कौव्वे को घर के एक कोने में सुरक्षित तौर पर बैठाया और इंटरनेट के माध्यम से पक्षियों के डाक्टर की तलाश की। देहरादून और उसके आसपास किसी डाक्टर का पता नहीं चला।
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इंटरनेट पर ही एक विदेशी डाक्टर से बात हुई। उसने कौव्वे के लिए कुछ उपचार और सलाह दी। दो-तीन दिन उनके अनुसार काम किया लेकिन कौव्वे की हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद पता चला कि दिल्ली में एक डाक्टर है। पूरा परिवार कौव्वे को गाड़ी में लेकर वहां गया। वहां पर कौव्वे को उन्होंने रख लिया और जरुरी चार्ज लिया।
अस्पताल की ओर से बताया गया कि जब यह ठीक हो जाएगा तो इसे छोड़ दिया जाएगा। लेकिन दुर्भाग्य से जब वह दिल्ली से देहरादून वापस लौट रहे थे तो रास्ते में ही फोन आ गया कि कौव्वे की मौत हो गई। कौव्वे की मौत दुखद घटना है लेकिन राजदान परिवार के इस प्रयास की सराहना की जानी चाहिए।