{"_id":"6161afda8ebc3e655f210abd","slug":"traders-against-cleanliness-tax-haridwar-news-drn3928938117","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम के स्वच्छता टैक्स को बताया गलत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम के स्वच्छता टैक्स को बताया गलत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश व्यापार मंडल महानगर नगर निगम के स्वच्छता टैक्स के विरोध में उतर आया है। व्यापारियों का कहना है कि कोरोनाकाल में व्यापारी मार झेल रहा है। नगर निगम नए टैक्स लगाकर व्यापारियों का शोषण कर रहा है।
कनखल स्थित गीता भवन आहूत प्रदेश व्यापार मंडल महानगर की बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष मयंक मूर्ति भट्ट व संचालन महानगर महामंत्री दीपक गोनियाल ने किया। प्रदेश महामंत्री सुमित अरोड़ा व प्रदेश उपाध्यक्ष आदेश मारवाड़ी ने कहा कि नगर निगम की ओर से थोपा गया स्वच्छता शुल्क सरासर गलत है। बीते 2 वर्षों से व्यापारी करोना की मार झेल रहा है। व्यापारी जीएसटी, इनकम टैक्स, हाउस टैक्स, बिजली पानी का बिल देता आ रहा है, लेकिन सरकार ने व्यापारियों को करोना काल में किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से स्वच्छता शुल्क लगाकर व्यापारियों का शोषण करने का काम किया है।
महानगर अध्यक्ष सर्वेश्वर मूर्ति भट्ट ने कहा कि बोर्ड को तत्काल प्रस्ताव को निरस्त करना चाहिए। यह प्रस्ताव जनहित के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मेयर, मुख्य नगर अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन देगा और प्रस्ताव निरस्त ना होने पर प्रदेश व्यापार मंडल महानगर इकाई आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा। इस दौरान महानगर महामंत्री दीपक गोनियाल, महानगर उपाध्यक्ष मनोज सिरोही, मीडिया प्रभारी रिकी अरोड़ा, चंद्रशेखर गोस्वामी, हेमंत कश्यप , दिनेश धीमान, मनोज शर्मा, प्रदीप, जोगेंद्र मेहता, सुशील सैनी, सोनू अरोड़ा, विश्वास, शंकर भाटिया, संदीप धीमान, मोनू, सतीश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कनखल स्थित गीता भवन आहूत प्रदेश व्यापार मंडल महानगर की बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष मयंक मूर्ति भट्ट व संचालन महानगर महामंत्री दीपक गोनियाल ने किया। प्रदेश महामंत्री सुमित अरोड़ा व प्रदेश उपाध्यक्ष आदेश मारवाड़ी ने कहा कि नगर निगम की ओर से थोपा गया स्वच्छता शुल्क सरासर गलत है। बीते 2 वर्षों से व्यापारी करोना की मार झेल रहा है। व्यापारी जीएसटी, इनकम टैक्स, हाउस टैक्स, बिजली पानी का बिल देता आ रहा है, लेकिन सरकार ने व्यापारियों को करोना काल में किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से स्वच्छता शुल्क लगाकर व्यापारियों का शोषण करने का काम किया है।
विज्ञापन
महानगर अध्यक्ष सर्वेश्वर मूर्ति भट्ट ने कहा कि बोर्ड को तत्काल प्रस्ताव को निरस्त करना चाहिए। यह प्रस्ताव जनहित के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मेयर, मुख्य नगर अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन देगा और प्रस्ताव निरस्त ना होने पर प्रदेश व्यापार मंडल महानगर इकाई आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा। इस दौरान महानगर महामंत्री दीपक गोनियाल, महानगर उपाध्यक्ष मनोज सिरोही, मीडिया प्रभारी रिकी अरोड़ा, चंद्रशेखर गोस्वामी, हेमंत कश्यप , दिनेश धीमान, मनोज शर्मा, प्रदीप, जोगेंद्र मेहता, सुशील सैनी, सोनू अरोड़ा, विश्वास, शंकर भाटिया, संदीप धीमान, मोनू, सतीश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन