{"_id":"5845a5234f1c1be672447fea","slug":"today-the-annual-urs-at-three-shrines","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दरगाहों पर सालाना उर्स आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दरगाहों पर सालाना उर्स आज
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 05 Dec 2016 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
इस्लामिक कैलेंडर का माह रबिउल अव्वल शुरू होने पर दरगाहों पर सालाना उर्स का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ज्वालापुर तेलियान स्थित बाबा गरीब शाह का सालाना उर्स सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। जबकि हजरत बंदगी शाह दीवान व बाबा रोशन अली शाह सहित कई दरगाहों पर सालाना उर्स मंगलवार को पूरी अकीकत के साथ मनाया जाएगा।
इस्लामिक माह रबिउल अव्वल की 12 तारीख को पैगंबर मोहम्मद साहब और सूफी संत हजरत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर की यौम ए पैदाइश (जन्मदिवस) मनाई जाती है। इसी माह में ज्यादातर दरगाहों पर सालाना उर्स होता है। सोमवार को ज्वालापुर के मोहल्ला तेलियान में बाबा गरीब शाह की दरगाह पर सालाना उर्स का समापन महफिल ए कव्वाली के साथ हुआ। मंगलवार को रबिउल अव्वल की छह तारीख को 40वीं वाहिनी पीएसी के निकट बुड्ढा पीर के नाम से मशहूर बाबा बंदगी शाह दीवान का सालाना उर्स मनाया जाएगा। सज्जादानशीन सैयद मुहम्मद सकलैन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि एक रोजा उर्स में आस पास से बड़ी तादाद में जायरीनों के अलावा देश की कई दरगाहों से सूफी संत तशरीफ ला रहे हैं।
वहीं ज्वालापुर कैथवाड़ा स्थित हजरत बाबा रोशन अली शाह का सालाना उर्स भी मंगलवार को रस्म व अकीदत के साथ मनाया जाएगा। मेला इंचार्ज छम्मन पीरजी ने बताया कि इस बार कलियर मेंहदी डोरी को लेकर चांद की तारीख पर भ्रम की स्थिति बन रही थी। जबकि इस बार इस्लामिक माह और अंग्रेजी दिसंबर महीने की तारीख साथ साथ चल रही है। दरगाह के सज्जादानशीन हाजी इरफान अंसारी ने बताया कि उर्स का आगाज फातिहाख्वानी के साथ होगा।
विज्ञापन
वहीं ज्वालापुर कटहरा बाजार स्थित दरगाह हजरत शाह अमीरुल्लाह की दरगाह पर सालाना उर्स सज्जादानशीन राव अबरार खां की देखरेख में मनाया जाएगा। दोनों दरगाहों पर उर्स की तमाम रस्में अलीगढ़ से आए सूफी संत मियां फरीद आलम की सरपरस्ती में पूरी होंगी। बाबा रोशन अली शाह दरगाह कमेटी के प्रवक्ता राहत हुसैन अंसारी ने ये जानकारी देते हुए बताया कि महफिल ए कव्वाली में कई मशहूर कव्वाल नातिया कलाम पेश करेंगे।
इस्लामिक माह रबिउल अव्वल की 12 तारीख को पैगंबर मोहम्मद साहब और सूफी संत हजरत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर की यौम ए पैदाइश (जन्मदिवस) मनाई जाती है। इसी माह में ज्यादातर दरगाहों पर सालाना उर्स होता है। सोमवार को ज्वालापुर के मोहल्ला तेलियान में बाबा गरीब शाह की दरगाह पर सालाना उर्स का समापन महफिल ए कव्वाली के साथ हुआ। मंगलवार को रबिउल अव्वल की छह तारीख को 40वीं वाहिनी पीएसी के निकट बुड्ढा पीर के नाम से मशहूर बाबा बंदगी शाह दीवान का सालाना उर्स मनाया जाएगा। सज्जादानशीन सैयद मुहम्मद सकलैन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि एक रोजा उर्स में आस पास से बड़ी तादाद में जायरीनों के अलावा देश की कई दरगाहों से सूफी संत तशरीफ ला रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं ज्वालापुर कैथवाड़ा स्थित हजरत बाबा रोशन अली शाह का सालाना उर्स भी मंगलवार को रस्म व अकीदत के साथ मनाया जाएगा। मेला इंचार्ज छम्मन पीरजी ने बताया कि इस बार कलियर मेंहदी डोरी को लेकर चांद की तारीख पर भ्रम की स्थिति बन रही थी। जबकि इस बार इस्लामिक माह और अंग्रेजी दिसंबर महीने की तारीख साथ साथ चल रही है। दरगाह के सज्जादानशीन हाजी इरफान अंसारी ने बताया कि उर्स का आगाज फातिहाख्वानी के साथ होगा।
विज्ञापन
वहीं ज्वालापुर कटहरा बाजार स्थित दरगाह हजरत शाह अमीरुल्लाह की दरगाह पर सालाना उर्स सज्जादानशीन राव अबरार खां की देखरेख में मनाया जाएगा। दोनों दरगाहों पर उर्स की तमाम रस्में अलीगढ़ से आए सूफी संत मियां फरीद आलम की सरपरस्ती में पूरी होंगी। बाबा रोशन अली शाह दरगाह कमेटी के प्रवक्ता राहत हुसैन अंसारी ने ये जानकारी देते हुए बताया कि महफिल ए कव्वाली में कई मशहूर कव्वाल नातिया कलाम पेश करेंगे।