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गैर हिंदूओं को रोकने के लिए काली सेना खुद उतरेगी मैदान में
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काली सेना के संस्थापक एवं शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंदस्वरूप का कहना है कि चारधाम में यदि गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित नहीं किया जाता तो काली सेना के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और सबक सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमालय हिंदुओं का देवायल है और देवालय में सिर्फ हिंदू ही प्रवेश करेंगे।
चारधाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर काली सेना के संस्थापक व शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंदस्वरूप ने कहा कि हमारी मुहिम ‘हिमालय हमारा देेवालय’ लगातार चल रही है। हिमालय हमारा मंदिर है और मंदिर में मांस, मदिरा और गैर हिंदुओं को हिमालय से दूर करना है। उन्होंने कहा कि गैर हिंदू हिमालय में पहुंचकर मांस का भक्षण कर रहे हैं। इसके साथ ही हमारी नदियों व मंदिरों को अपवित्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनको रोकने के लिए सरकार को कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1980 के पहले कोई गैर हिंदू व ईसाई हिमालय में नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो काली सेना के कार्यकर्ता खुद सड़क पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के मठ-मंदिर सुरक्षित रहेंगे तो संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने कहा कि हिमालय में कभी अंग्रेजों ने मस्जिद और चर्च नहीं बनने दिए। क्योंकि उन्हें पता था कि हिमालय हिंदुओं का पवित्र स्थल है।
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चारधाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर काली सेना के संस्थापक व शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंदस्वरूप ने कहा कि हमारी मुहिम ‘हिमालय हमारा देेवालय’ लगातार चल रही है। हिमालय हमारा मंदिर है और मंदिर में मांस, मदिरा और गैर हिंदुओं को हिमालय से दूर करना है। उन्होंने कहा कि गैर हिंदू हिमालय में पहुंचकर मांस का भक्षण कर रहे हैं। इसके साथ ही हमारी नदियों व मंदिरों को अपवित्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनको रोकने के लिए सरकार को कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1980 के पहले कोई गैर हिंदू व ईसाई हिमालय में नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो काली सेना के कार्यकर्ता खुद सड़क पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के मठ-मंदिर सुरक्षित रहेंगे तो संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने कहा कि हिमालय में कभी अंग्रेजों ने मस्जिद और चर्च नहीं बनने दिए। क्योंकि उन्हें पता था कि हिमालय हिंदुओं का पवित्र स्थल है।
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