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न्यूनतम स्तर पर पहुंचा गंगा का जल स्तर
hridwar uttrakhanda india
Updated Fri, 29 Apr 2016 12:16 AM IST
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गंगा का जलस्तर घटा
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। गंगा का जलस्तर हरिद्वार में अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को टिहरी डैम से मात्र 3800 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया है। पिछले वर्ष आज के ही दिन गंगा में टिहरी डैम से पानी की मात्रा 5 हजार क्यूसेक थी। बृहस्पतिवार को गंगा में मात्र 7 जार क्यूसेक पानी था, जबकि पिछले साल आज के ही दिन गंगा में 18 हजार क्येसक पानी था।
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उत्तरी खंड गंगनहर रुड़की के अधिशासी अभियंता सीबी यादव ने बताया कि गंगा में लगभग 7 हजार क्यूसेक पानी है। जिसमें से भीमगोडा बैराज से गंगनहर में 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जबकि नहर की पुरानी जलवहन क्षमता 10500 क्यूसेक है। गंगनहर में 4500 क्यूसेक पानी कम है। उन्होंने बताया कि उनकी जानकारी में हाल के वर्षों में इससे पहले ऐसी स्थिति कभी नहीं आई। हरिद्वार से गंगा में मात्र एक हजार क्यूसेक पानी ही जा रहा है। गंगा नदी में पानी की कमी से न केवल पीने और सिंचाई के लिए पानी की समस्या खड़ी हुई है बल्कि नदी में पल रहे जीवन को भी खतरा पैदा हो गया है। गंगा के जल स्तर में आई कमी का असर भागीरथी बिंदु भूपतवाला से हरकी पैड़ी को छोड़ी गई अविच्छिन्न धारा में देखा जा सकता है। इस धारा में पानी बहता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। हरकी पैड़ी पर भी पानी ना के बराबर है। उत्तरीखंड गंगनहर के अधिशासी अभियंता सीबी यादव का कहना कि चूंकि इस समय फसल काटी जा रही है और केवल गन्ने के लिए पानी की जरूरत है। इसलिए स्थिति बेकाबू नहीं है। इतना अवश्य हो गया है कि गंगनहर से सिंचाई के लिए जो छोटी नहरें निकली हुई हैं उन सब में पानी की कमी है।
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