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Haridwar News: जिले में डेंगू से हुई पहली मौत महिला ने अस्पताल में तोड़ा दम
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। धर्मनगरी में डेंगू ने इस सीजन में पहली जान ले ली है। रेलवे स्टेशन के निकट श्रवणनाथ नगर की रहने वाली 35 वर्षीय श्रुति ने उपचार के दौरान जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मौत की पुष्टि डेंगू से नहीं की है लेकिन मृतका के पिता और निजी डायग्नोस्टिक सेंटर की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
मृतका के पिता नरेश दीवान सूचना विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि बुखार की शिकायत के बाद श्रुति को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहली जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। हालत में सुधार न होने पर दूसरे निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच कराई गई जहां डेंगू की पुष्टि हुई। पिता के अनुसार तीन दिन पहले स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ने पर वे बेटी को लेकर जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल पहुंचे। यहां भी जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई। शनिवार को स्थिति गंभीर होने पर श्रुति को जीवन रक्षक उपकरणों पर रखा गया लेकिन बेटी जिंदगी की जंग हार गई।
श्रुति अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। पारिवारिक विवाद के चलते उनका मामला पति से कोर्ट में लंबित था और वह पति से अलग होकर अपने वृद्ध पिता के घर पर रह रही थीं। अब इन दोनों मासूमों की परवरिश की पूरी जिम्मेदारी उनके वृद्ध पिता पर आ गई है जो इस दुखद घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। नरेश दीवान जिला सूचना विभाग कार्यालय में तैनात हैं। बेटी के निधन की खबर से जिला सूचना विभाग कार्यालय में सन्नाटा पसरा है। मृतका का भाई शहर से बाहर होने के कारण शव को जौलीग्रांट अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। उनकी अंत्येष्टि आज सुबह गंगा घाट पर की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग करेगा जांच
इस मामले पर जिला मलेरिया अधिकारी, सीएम कंसल ने कहा कि उन्हें डेंगू से महिला की मौत होने की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रविवार को स्वास्थ्य टीम को मृतका के घर भेजा जाएगा जहां परिजनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक स्वास्थ्य उपाय किए जाएंगे। सीएम कंसल ने कहा मैं भी पीड़िता के घर जाऊंगा और मृतका की सभी रिपोर्ट का अध्ययन करूंगा। इसके बाद ही कुछ कहा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यक बचाव कार्य भी किए जाएंगे।
जिले में 95 डेंगू संक्रमित मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में जनपद में 95 डेंगू संक्रमित मरीज हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि कोई भी डेंगू मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है और सभी मरीज घर पर ही उपचार ले रहे हैं जिनमें से कई ठीक होकर सामान्य स्थिति में आ चुके हैं।
कर्मचारी की भी हो चुकी मौत
ज्वालापुर राजकीय गोदाम के कर्मचारी की मौत भी डेंगू से हो चुकी है हालांकि इसे जिला प्रशासन ने अपने आंकड़े में नहीं लिया था। यह कर्मचारी डोईवाला के रहने वाले थे जिनकी तैनाती गोदाम में थी।
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हरिद्वार। धर्मनगरी में डेंगू ने इस सीजन में पहली जान ले ली है। रेलवे स्टेशन के निकट श्रवणनाथ नगर की रहने वाली 35 वर्षीय श्रुति ने उपचार के दौरान जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मौत की पुष्टि डेंगू से नहीं की है लेकिन मृतका के पिता और निजी डायग्नोस्टिक सेंटर की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
मृतका के पिता नरेश दीवान सूचना विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि बुखार की शिकायत के बाद श्रुति को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहली जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। हालत में सुधार न होने पर दूसरे निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच कराई गई जहां डेंगू की पुष्टि हुई। पिता के अनुसार तीन दिन पहले स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ने पर वे बेटी को लेकर जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल पहुंचे। यहां भी जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई। शनिवार को स्थिति गंभीर होने पर श्रुति को जीवन रक्षक उपकरणों पर रखा गया लेकिन बेटी जिंदगी की जंग हार गई।
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श्रुति अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। पारिवारिक विवाद के चलते उनका मामला पति से कोर्ट में लंबित था और वह पति से अलग होकर अपने वृद्ध पिता के घर पर रह रही थीं। अब इन दोनों मासूमों की परवरिश की पूरी जिम्मेदारी उनके वृद्ध पिता पर आ गई है जो इस दुखद घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। नरेश दीवान जिला सूचना विभाग कार्यालय में तैनात हैं। बेटी के निधन की खबर से जिला सूचना विभाग कार्यालय में सन्नाटा पसरा है। मृतका का भाई शहर से बाहर होने के कारण शव को जौलीग्रांट अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। उनकी अंत्येष्टि आज सुबह गंगा घाट पर की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग करेगा जांच
इस मामले पर जिला मलेरिया अधिकारी, सीएम कंसल ने कहा कि उन्हें डेंगू से महिला की मौत होने की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रविवार को स्वास्थ्य टीम को मृतका के घर भेजा जाएगा जहां परिजनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक स्वास्थ्य उपाय किए जाएंगे। सीएम कंसल ने कहा मैं भी पीड़िता के घर जाऊंगा और मृतका की सभी रिपोर्ट का अध्ययन करूंगा। इसके बाद ही कुछ कहा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यक बचाव कार्य भी किए जाएंगे।
जिले में 95 डेंगू संक्रमित मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में जनपद में 95 डेंगू संक्रमित मरीज हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि कोई भी डेंगू मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है और सभी मरीज घर पर ही उपचार ले रहे हैं जिनमें से कई ठीक होकर सामान्य स्थिति में आ चुके हैं।
कर्मचारी की भी हो चुकी मौत
ज्वालापुर राजकीय गोदाम के कर्मचारी की मौत भी डेंगू से हो चुकी है हालांकि इसे जिला प्रशासन ने अपने आंकड़े में नहीं लिया था। यह कर्मचारी डोईवाला के रहने वाले थे जिनकी तैनाती गोदाम में थी।