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हरिद्वार: 458 पहुंची संदिग्ध डेंगू पीड़ितों का आंकड़ा
Mon, 23 Sep 2019 11:42 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2019 11:42 PM IST
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शहर और आसपास के इलाकों में डेंगू के डंक का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू के संदिग्ध मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को भी डेंगू के 38 मरीजों का मामले सामने आए। संदिग्ध मरीजों की संख्या 458 तक पहुंच गई है।
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एसएमजेएन पीजी कॉलेज की छात्रा सहित अभी तक कुल चार लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसको स्वीकार करने को तैयार नहीं। इसके बाद भी सिस्टम की नींद नहीं टूट रही है। शहर के कई इलाकों में डेंगू का लार्वा मिल रहा और अभियान चलाकर फॉगिंग नहीं किया जा रहा है। जिला मलेरिया विभाग जरूर जगह जगह जागरूकता अभियान चलाकर और लार्वा को नष्ट कर रहा है, लेकिन यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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सोमवार को पूर्व पार्षद कन्हैया खेवड़िया के निजी खर्चे से एसएमजेएन पीजी कॉलेज में लार्वा ढूंढने का अभियान चलाया। कन्हैया खेवड़िया ने श्रमिकों के साथ लार्वा को नष्ट कराया और कीटनाशक में छिड़काव कराया। दूसरी तरफ सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने का कहना है कि लोगों को जागरूक करने के लिए आशा कार्यकर्ता घर घर जा रही हैं। अस्पतालों में पीड़ितों के उपचार के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए है।
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ब्लड बैंक में ब्लड का संकट
डेंगू से पीड़ित भर्ती मरीजों के लिए ब्लड प्लेटलेट्स उपलब्ध करना मुश्किल हो रहा है। जिला ब्लडबैंक से प्रतिदिन 30 से 50 प्लेटलेट्स यूनिट मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है। रविवार की रात तो एक साथ तीन मरीजों के लिए 36 यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया था।
रविवार को रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती तीन मरीजों को 12-12 यूनिट प्लेटलेट्स लाने को लिख दिया गया। खास बात यह है कि तीनों मरीजों के तीमारदार प्लेटलेट्स लेने तो आए, लेकिन बदले में रक्त देने को तैयार नहीं हुए। ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने दो-दो यूनिट प्लेटलेट्स ही दे सके।