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नहीं जल रहे अलाव तो कैसे होगा ठंड से बचाव
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बस अड्डे के बाहर भी अलाव में गिनती की लकड़ियों के सहारे जला अलाव।
- फोटो : HARIDWAR
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तापमान लगातार गिर रहा है और ठंड से धर्मनगरी ठिठुरने लगी है। ठंड से बचने के इंतजाम केवल कागजों तक ही सीमित हैं। नगर निगम ने 16 स्थान अलाव जलाने के लिए चिह्नित तो कर दिए हैं, लेकिन लकड़ी खरीदने के लिए अभी तक टेंडर नहीं किए हैं। पिछले साल की बची लकड़ियों से केवल पांच स्थानों पर अलाव जल रहे हैं। यहां भी इतनी कम लकड़ी डाली जा रही है कि कुछ देर में ही खत्म हो जाती हैं। इसके बाद बेसहारा लोगोें को रद्दी जलाकर रात काटनी पड़ रही है।
दिसंबर का पहला पखवाड़े बीतने को है। पिछले कुछ दिनों से पारा लगातार गिर रहा है। रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। गंगा घाटों पर शाम के समय चलने वाली हवा मुश्किलें बढ़ा रही है। धर्मनगरी में रात में आने वाले मुसाफिरों और खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए नगर निगम के अलाव का सहारा ही रहता है। इस बार अब तक नगर निगम ने शहर के सभी प्रमुख स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की है। अलाव जलाने की सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। कहीं गिनती की लकड़ियां डाली जा रही हैं तो कहीं लोगों को खुद ही अपना इंतजाम करना पड़ रहा है। अलाव जलाने के लिए नगर निगम ने नौ कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई है। संवाद
कल होंगे लकड़ी के लिए नए टेंडर
शहर में अलाव जलाने के लिए नगर निगम लकड़ी खरीद के लिए बृहस्पतिवार को टेंडर करेगा। टेंडर के बाद कब लकड़ियां खरीदी जाएंगी, इसका पता नहीं है।
खुद करना पड़ रहा इंतजाम
पोस्ट आफिस के बाहर बनी पुलिस की पोस्ट पर पुलिसकर्मियों को रात में ठंड से बचने के लिए खुद ही लकड़ियों का इंतजाम करना पड़ रहा है।
अभी पांच जगहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। पिछले वर्ष की लकड़ियों से अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। नई लकड़ियों के लिए पहले टेंडर नहीं हो पाया। अब टेंडर किया जा रहा है।
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- दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार
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दिसंबर का पहला पखवाड़े बीतने को है। पिछले कुछ दिनों से पारा लगातार गिर रहा है। रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। गंगा घाटों पर शाम के समय चलने वाली हवा मुश्किलें बढ़ा रही है। धर्मनगरी में रात में आने वाले मुसाफिरों और खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए नगर निगम के अलाव का सहारा ही रहता है। इस बार अब तक नगर निगम ने शहर के सभी प्रमुख स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की है। अलाव जलाने की सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। कहीं गिनती की लकड़ियां डाली जा रही हैं तो कहीं लोगों को खुद ही अपना इंतजाम करना पड़ रहा है। अलाव जलाने के लिए नगर निगम ने नौ कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई है। संवाद
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कल होंगे लकड़ी के लिए नए टेंडर
शहर में अलाव जलाने के लिए नगर निगम लकड़ी खरीद के लिए बृहस्पतिवार को टेंडर करेगा। टेंडर के बाद कब लकड़ियां खरीदी जाएंगी, इसका पता नहीं है।
खुद करना पड़ रहा इंतजाम
पोस्ट आफिस के बाहर बनी पुलिस की पोस्ट पर पुलिसकर्मियों को रात में ठंड से बचने के लिए खुद ही लकड़ियों का इंतजाम करना पड़ रहा है।
अभी पांच जगहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। पिछले वर्ष की लकड़ियों से अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। नई लकड़ियों के लिए पहले टेंडर नहीं हो पाया। अब टेंडर किया जा रहा है।
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- दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार