{"_id":"6abfb967d5703c289a06f50e","slug":"the-city-resounded-with-chants-hailing-lord-mahavir-haridwar-news-c-35-1-sdrn1006-154824-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: भगवान महावीर के जयकारों से गूंजा नगर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: भगवान महावीर के जयकारों से गूंजा नगर
विज्ञापन
फोटो
- कनखल में धूमधाम से निकली 33 वीं भव्य गजरथ यात्रा
- 108 कलशों से हुआ अभिषेक, आर्यिका विकक्षाश्री माता ने दिया आत्मशुद्धि का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। कनखल स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में 33वां गजरथ यात्रा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। महोत्सव का आयोजन तीर्थोद्धारिका श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 गुरुमां विज्ञाश्री माता की परम शिष्या 105 आर्यिका रत्न विकक्षाश्री माता के पावन सानिध्य में हुआ। इस दौरान भगवान महावीर के जयकारों से पूरा कनखल क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
कनखल में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने गजरथ यात्रा निकाली। महोत्सव का शुभारंभ धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। जैन जागृति महिला मंडल की महिलाओं एवं बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन रीतू जैन, प्रियंका जैन, शालिनी जैन एवं पारुल जैन ने किया।
इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए 105 आर्यिका रत्न विकक्षाश्री माता ने कहा कि चौरासी लाख योनियों में मनुष्य जीवन को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। मनुष्य जीवन केवल भोग-विलास के लिए नहीं, बल्कि आत्मकल्याण और आत्मशुद्धि के लिए प्राप्त हुआ है। मनुष्य अपने कर्मों और पापों का क्षय कर मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म, संयम और सदाचार को अपनाते हुए आत्मकल्याण का प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
इसके पश्चात भगवान महावीर की प्रतिमा को सौधर्म इंद्र द्वारा स्वर्ण गजरथ पर विराजमान कर भव्य गजरथ यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों, आकर्षक झांकियों और धार्मिक धुनों के बीच निकली यात्रा में श्रद्धालु भक्ति भाव से शामिल हुए। गजरथ यात्रा कनखल नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान वकीलचंद जैन, आदेश जैन, संजय जैन, अंकित जैन और वैश्य समाज कनखल की ओर से भी यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। गजरथ यात्रा के मंदिर पहुंचने पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इस दौरान इंद्रों द्वारा 108 कलशों से भगवान महावीर का विधि-विधानपूर्वक अभिषेक किया गया। इस मौके पर रथयात्रा के मुख्य संयोजक संजय जैन, आदेश जैन, अंकित जैन, हन्नी जैन, रजत जैन, वकीलचंद जैन, बालेश जैन, विजय जैन, सतीश जैन, वीरेंद्र जैन मौजूद रहे।
विज्ञापन
- कनखल में धूमधाम से निकली 33 वीं भव्य गजरथ यात्रा
- 108 कलशों से हुआ अभिषेक, आर्यिका विकक्षाश्री माता ने दिया आत्मशुद्धि का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। कनखल स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में 33वां गजरथ यात्रा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। महोत्सव का आयोजन तीर्थोद्धारिका श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 गुरुमां विज्ञाश्री माता की परम शिष्या 105 आर्यिका रत्न विकक्षाश्री माता के पावन सानिध्य में हुआ। इस दौरान भगवान महावीर के जयकारों से पूरा कनखल क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
कनखल में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने गजरथ यात्रा निकाली। महोत्सव का शुभारंभ धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। जैन जागृति महिला मंडल की महिलाओं एवं बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन रीतू जैन, प्रियंका जैन, शालिनी जैन एवं पारुल जैन ने किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए 105 आर्यिका रत्न विकक्षाश्री माता ने कहा कि चौरासी लाख योनियों में मनुष्य जीवन को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। मनुष्य जीवन केवल भोग-विलास के लिए नहीं, बल्कि आत्मकल्याण और आत्मशुद्धि के लिए प्राप्त हुआ है। मनुष्य अपने कर्मों और पापों का क्षय कर मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म, संयम और सदाचार को अपनाते हुए आत्मकल्याण का प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
इसके पश्चात भगवान महावीर की प्रतिमा को सौधर्म इंद्र द्वारा स्वर्ण गजरथ पर विराजमान कर भव्य गजरथ यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों, आकर्षक झांकियों और धार्मिक धुनों के बीच निकली यात्रा में श्रद्धालु भक्ति भाव से शामिल हुए। गजरथ यात्रा कनखल नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान वकीलचंद जैन, आदेश जैन, संजय जैन, अंकित जैन और वैश्य समाज कनखल की ओर से भी यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। गजरथ यात्रा के मंदिर पहुंचने पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इस दौरान इंद्रों द्वारा 108 कलशों से भगवान महावीर का विधि-विधानपूर्वक अभिषेक किया गया। इस मौके पर रथयात्रा के मुख्य संयोजक संजय जैन, आदेश जैन, अंकित जैन, हन्नी जैन, रजत जैन, वकीलचंद जैन, बालेश जैन, विजय जैन, सतीश जैन, वीरेंद्र जैन मौजूद रहे।