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माता-पिता की सेवा सबसे बड़ा तीर्थ : हरिचेतनानंद

Sat, 20 Jun 2026 04:47 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 04:47 PM IST
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Serving one's parents is the greatest pilgrimage: Harichetnanand
सप्तऋषि। हरि सेवा आश्रम में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि माता-पिता की सेवा और गुरु की आज्ञा का पालन ही संसार का सबसे बड़ा धर्म और तीर्थ है। कथा में पहुंचीं साध्वी ऋतंभरा का श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत को पुष्पांजलि अर्पित कर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि मां गंगा के पावन तट पर सप्तसरोवर क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करना परम सौभाग्य की बात है। कथा में विभिन्न राज्यों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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