{"_id":"359dc952c997bbd6ccb1b895265aba4a","slug":"sant-shewanand-against-mining-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध खनन न रोकने पर अधिकारियों पर भड़के स्वामी शिवानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध खनन न रोकने पर अधिकारियों पर भड़के स्वामी शिवानंद
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Fri, 15 May 2015 12:04 AM IST
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मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने दावा किया है कि बैरागी कैंप से अब तक तीन लाख टन खनन सामग्री निकाली जा चुकी है, जबकि भंडारण कुल 38 हजार टन ही था। बताया कि 13 अक्तूबर 2014 से शुरू हुआ यह कार्य आज तक दिन-रात जारी है। उन्होंने 16 मई से खनन निदेशक, डीएम एवं एडीएम के खिलाफ तपस्या पर बैठने की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को स्वामी शिवानंद ने कैंप में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि उन्होंने बैरागी कैंप में भंडारण उठाने के नाम पर अवैध तरीके से खनन होते देखा गया है। सुबह नौ बजे वह बैरागी कैंप पहुंचे तो एक जेसीबी खुदाई कर रही थी। दूसरी खनन सामग्री ट्रक में लोड कर रही थी। परमाध्यक्ष शिवानंद एवं ब्रह्मचारी स्वामी दयानंद ने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को फोन भी किए लेकिन सिर्फ तहसीलदार स्तर के अधिकारी ने फोन उठाया। इस दौरान उन्होंने अवैध खनन की वीडियो रिकॉर्डिंग की है।
बताया कि 21 अप्रैल को जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने अवैध खनन पूरी तरह से बंद करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन 24 अप्रैल से फिर यह शुरू हो गया। कई बार स्वामी दयानंद ने अधिकारियों को अवैध खनन के संबंध में सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते अकेले बैरागी कैंप से 24 अप्रैल से 14 मई तक 94,315 टन खनन सामग्री निकाली जा चुकी है। कहा कि पूर्व में डीएम के द्वारा जारी की रिपोर्ट के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। बताया कि नवंबर 2014 में बैरागी कैंप में इस भंडारण को बंद भी किया था, लेकिन उस रिपोर्ट को प्रशासन ने गायब कर दिया है।
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मिले हुए हैं अधिकारी
स्वामी शिवानंद ने दावा किया कि 27 अप्रैल को डीएम एवं खनन निदेशक की फोन पर वार्ता हुई, लेकिन इस दौरान दोनों में हुई बातचीत खनन माफियाओं को मालूम थी। शंका जताई कि इन अधिकारियों में से कोई न कोई खनन माफियाओं से मिला हुआ है, उन्होंने इस बाबत जांच की मांग की है।
कैंप निवासी भी आए समर्थन में
बैरागी कैंप के निवासियों ने गंगा में हो रहे अवैध खनन का विरोध किया, हालांकि वह स्वामी शिवानंद के समर्थन में ही आए थे, लेकिन उनके आने से पहले शिवानंद वहां से चले गए थे। लोगों ने आरोप लगाया कि यहां खुलेआम हो रहे खनन की पुलिस प्रशासन से कई बार शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती। ऐसे में बरसात के मौसम में गंगा में आने वाली बाढ़ से तीन हजार लोगों को जूझना पड़ेगा। इस दौरान सावित्री देवी, शिब्बू चौहान, रुकमणी, हेमलता, बेबी, ज्योति, अनीता, नैना आदि मौजूद थे।
कहां पार्किंग कराएगा प्रशासन
बैरागी कैंप के पास स्थित मंदिर के स्वामी रामशरण दास ने बताया कि रात में पूरी पार्किंग ट्रक एवं डंपरों से भर जाती है। पूरी रात गंगा की खुदाई कर सीना चीरा जा रहा है। चिंता है कि आगामी आयोजन के समय पार्किंग कहां पर होगी।
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बृहस्पतिवार को स्वामी शिवानंद ने कैंप में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि उन्होंने बैरागी कैंप में भंडारण उठाने के नाम पर अवैध तरीके से खनन होते देखा गया है। सुबह नौ बजे वह बैरागी कैंप पहुंचे तो एक जेसीबी खुदाई कर रही थी। दूसरी खनन सामग्री ट्रक में लोड कर रही थी। परमाध्यक्ष शिवानंद एवं ब्रह्मचारी स्वामी दयानंद ने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को फोन भी किए लेकिन सिर्फ तहसीलदार स्तर के अधिकारी ने फोन उठाया। इस दौरान उन्होंने अवैध खनन की वीडियो रिकॉर्डिंग की है।
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बताया कि 21 अप्रैल को जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने अवैध खनन पूरी तरह से बंद करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन 24 अप्रैल से फिर यह शुरू हो गया। कई बार स्वामी दयानंद ने अधिकारियों को अवैध खनन के संबंध में सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते अकेले बैरागी कैंप से 24 अप्रैल से 14 मई तक 94,315 टन खनन सामग्री निकाली जा चुकी है। कहा कि पूर्व में डीएम के द्वारा जारी की रिपोर्ट के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। बताया कि नवंबर 2014 में बैरागी कैंप में इस भंडारण को बंद भी किया था, लेकिन उस रिपोर्ट को प्रशासन ने गायब कर दिया है।
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मिले हुए हैं अधिकारी
स्वामी शिवानंद ने दावा किया कि 27 अप्रैल को डीएम एवं खनन निदेशक की फोन पर वार्ता हुई, लेकिन इस दौरान दोनों में हुई बातचीत खनन माफियाओं को मालूम थी। शंका जताई कि इन अधिकारियों में से कोई न कोई खनन माफियाओं से मिला हुआ है, उन्होंने इस बाबत जांच की मांग की है।
कैंप निवासी भी आए समर्थन में
बैरागी कैंप के निवासियों ने गंगा में हो रहे अवैध खनन का विरोध किया, हालांकि वह स्वामी शिवानंद के समर्थन में ही आए थे, लेकिन उनके आने से पहले शिवानंद वहां से चले गए थे। लोगों ने आरोप लगाया कि यहां खुलेआम हो रहे खनन की पुलिस प्रशासन से कई बार शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती। ऐसे में बरसात के मौसम में गंगा में आने वाली बाढ़ से तीन हजार लोगों को जूझना पड़ेगा। इस दौरान सावित्री देवी, शिब्बू चौहान, रुकमणी, हेमलता, बेबी, ज्योति, अनीता, नैना आदि मौजूद थे।
कहां पार्किंग कराएगा प्रशासन
बैरागी कैंप के पास स्थित मंदिर के स्वामी रामशरण दास ने बताया कि रात में पूरी पार्किंग ट्रक एवं डंपरों से भर जाती है। पूरी रात गंगा की खुदाई कर सीना चीरा जा रहा है। चिंता है कि आगामी आयोजन के समय पार्किंग कहां पर होगी।