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एक माह बाद भी पीड़ित परिवार को नहीं मिला इंसाफ
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ज्वालापुर की जर्स कंट्री के स्वीमिंग पूल में बच्चे की डूबकर मौत के मामले में परिवार को अभी तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। इस मामले में जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट का भी अता-पता नहीं है। बच्चे के माता-पिता इंसाफ मांग रहे हैं। आरोप लगाया है कि बिल्डर के दबाव में आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के जर्स कंट्री में बीते 28 अप्रैल को जिम्नास्ट सीखने गए सात साल के रुद्राक्ष की स्वीमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई थी। शुरुआती दौर में बच्चे की जिम्नास्टिक टीचर की लापरवाही सामने आई थी। दरअसल, स्वीमिंग पूल पर कोई सुरक्षा कर्मी भी मौजूद नहीं था, इसलिए जर्स कंट्री प्रबंधन पर भी सवाल उठे। इस मामले में बच्चे के पिता डॉॅ. अभिषेक की ओर से टीचर प्रियंका चौधरी व प्रबंधन के प्रतिनिधि दीपक व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने न्यायिक जांच बैठाते हुए एसडीएम सदर पूरण सिंह राणा को जांच सौंपी थी और 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई थी। इस रिपोर्ट का एक माह बाद भी कुछ अता-पता नहीं है। बच्चे के पिता अभिषेक और मां ज्योति ने रविवार को जर्स कंट्री में पत्रकार वार्ता करते हुए जांच लटकाने और आरोपियों को बचाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अभी तक विवेचना अधिकारी का ही कुछ अता पता नहीं चल पाया है, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिल्डर का दबाव ही हो सकता है कि अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने अपना बच्चा खोया है और हमें ही बयान दर्ज कराने और जांच का पता करने के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं दिखाई गई है। रुद्राक्ष के माता-पिता ने कहा कि सात दिन में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे लोग सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होेंगे।
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ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के जर्स कंट्री में बीते 28 अप्रैल को जिम्नास्ट सीखने गए सात साल के रुद्राक्ष की स्वीमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई थी। शुरुआती दौर में बच्चे की जिम्नास्टिक टीचर की लापरवाही सामने आई थी। दरअसल, स्वीमिंग पूल पर कोई सुरक्षा कर्मी भी मौजूद नहीं था, इसलिए जर्स कंट्री प्रबंधन पर भी सवाल उठे। इस मामले में बच्चे के पिता डॉॅ. अभिषेक की ओर से टीचर प्रियंका चौधरी व प्रबंधन के प्रतिनिधि दीपक व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने न्यायिक जांच बैठाते हुए एसडीएम सदर पूरण सिंह राणा को जांच सौंपी थी और 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई थी। इस रिपोर्ट का एक माह बाद भी कुछ अता-पता नहीं है। बच्चे के पिता अभिषेक और मां ज्योति ने रविवार को जर्स कंट्री में पत्रकार वार्ता करते हुए जांच लटकाने और आरोपियों को बचाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अभी तक विवेचना अधिकारी का ही कुछ अता पता नहीं चल पाया है, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिल्डर का दबाव ही हो सकता है कि अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने अपना बच्चा खोया है और हमें ही बयान दर्ज कराने और जांच का पता करने के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं दिखाई गई है। रुद्राक्ष के माता-पिता ने कहा कि सात दिन में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे लोग सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होेंगे।
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